
Dil Jane Na
कभी-कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ दिल की नहीं, मजबूरियों की सुननी पड़ती है। अपनी बीमार माँ की जान बचाने के लिए एक साधारण लड़की को....
कभी-कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ दिल की नहीं, मजबूरियों की सुननी पड़ती है। अपनी बीमार माँ की जान बचाने के लिए एक साधारण लड़की को अपनी सबसे बड़ी खुशी कुर्बान करनी पड़ती है। उसके पिता उसके सामने एक बेरहम शर्त रखते हैं—अगर वह अपने बिज़नेस पार्टनर के बेटे से शादी कर ले, तभी उसकी माँ का इलाज होगा। माँ की ज़िंदगी दाँव पर हो, तो वह "ना" कैसे कहती? लेकिन यह शादी दो दिलों का नहीं, दो नफरतों का रिश्ता बन जाती है। वह लड़का, जिसे रिश्तों और प्यार पर भरोसा नहीं। वह लड़की, जिसने अपनी खुशियाँ माँ की साँसों के बदले सौंप दीं। दोनों एक ही छत के नीचे रहते हैं, मगर हर दिन उनके बीच तकरार, गलतफ़हमियाँ और दर्द की नई दीवार खड़ी होती जाती है। क्या यह नफरत कभी प्यार में बदल पाएगी? या फिर अतीत के राज़, परिवारों की साज़िशें और टूटे हुए भरोसे उनके रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे? आप इस कहानी को अभी सुन सकते हैं pocket fm par अभी सर्च कीजिए "दिल जाने ना "।