
शापित
क्या एक पति का प्यार मौत को हरा सकता है? या वो प्यार ही दुनिया के विनाश की वजह बन जाएगा? कहानी की शुरुआत एक भयानक रात से होती है, जब....
क्या एक पति का प्यार मौत को हरा सकता है? या वो प्यार ही दुनिया के विनाश की वजह बन जाएगा? कहानी की शुरुआत एक भयानक रात से होती है, जब एक बस 'प्रेत वन' के घने जंगलों में गायब हो जाती है। रोहन और उसकी पत्नी प्रिया इस हादसे का शिकार होते हैं। लेकिन यह कोई साधारण जंगल नहीं है। यहाँ समय का पहिया उल्टा चलता है और परछाइयां ज़िंदा हैं। प्रिया को अंधेरे साये खींच ले जाते हैं, और उसे बचाने के लिए रोहन एक ऐसा रास्ता चुनता है जहाँ से कोई इंसान वापस नहीं आता। अपनी पत्नी को नर्क से वापस लाने के लिए, रोहन को 'सात श्रापित मंदिरों' को तोड़ना होगा। इस सफर में उसे एक 'अस्थि खंजर' मिलता है—एक ऐसा हथियार जो उसे राक्षसों से लड़ने की ताकत तो देता है, लेकिन बदले में उसकी इंसानियत मांगता है। जैसे-जैसे रोहन मंदिरों को नष्ट करता है, वह खुद बदलता जाता है। उसका एक हाथ काला और पत्थर जैसा हो जाता है, और उसकी आँखों में बैंगनी आग जलने लगती है। लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब उसे पता चलता है कि जिस 'खंजर' पर उसने भरोसा किया, उसी ने उसकी पत्नी की आत्मा को खा लिया। अब रोहन एक 'काला मसीहा' बन चुका है। वह अपनी छाती से चिपके एक काले मंगलसूत्र को अपनी 'बेटी' मानकर पाल रहा है। लेकिन उसे नहीं पता कि वह मंगलसूत्र कोई बच्ची नहीं, बल्कि 'काल-सर्प' है—ब्रह्मांड को निगलने वाला महा-राक्षस। दोस्त दुश्मन बन चुके हैं। रक्षक भक्षक बन चुके हैं। सुनिए एक महा-गाथा, जहाँ एक इंसान को भगवान बनने के लिए पहले शैतान बनना पड़ेगा।