
Sadak Sa Singhasan Tak
शहर की चकाचौंध से दूर, फुटपाथ पर बैठा रुद्र राजवंश, अपनी मुट्ठी में सिर्फ पैंतालीस रुपये और गले में एक रहस्यमयी अंगूठी थामे है। उसे नहीं पता कि वो कौन....
शहर की चकाचौंध से दूर, फुटपाथ पर बैठा रुद्र राजवंश, अपनी मुट्ठी में सिर्फ पैंतालीस रुपये और गले में एक रहस्यमयी अंगूठी थामे है। उसे नहीं पता कि वो कौन है, उसका अतीत क्या है, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो गरीबी की बेड़ियों को तोड़ने का सपना देखती है। एक रात, एक बूढ़े आदमी को खाना खिलाने के बाद और एक खोए हुए बच्चे को उसकी माँ से मिलाने के बाद, रुद्र को एक सपना आता है। एक आलीशान घर... एक गुस्साया हुआ आदमी... और एक बच्चे के रोने की आवाज़। क्या ये सिर्फ एक सपना है, या उसके भूले हुए अतीत का कोई सुराग? क्या ये अंगूठी ही उसे उसकी असली पहचान तक ले जाएगी, या उसे एक ऐसे रास्ते पर धकेल देगी जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं? जिस लड़के के पास आज सिर्फ पैंतालीस रुपये हैं, क्या वही आने वाले समय में एक विशाल साम्राज्य का असली वारिस बनने वाला है?
- E1. सड़क पर रहने वाला रुद्र
- E2. अंगूठी का पहला राज
- E3. हवेली का बंद दरवाज़ा
- E4. अनन्या की अधूरी यादें
- E5. बंद तहखाने का सुराग
- E6. सत्रह का रहस्य
- E7. पूर्वी कमरे की परछाई
- E8. बंद दरवाज़े के उस पार
- E9. अधूरी याद का एक टुकड़ा
- E10. लाल धागे का राज
- E11. बंद लिफाफे का रहस्य
- E12. तीसरे दरवाज़े की आवाज़
- E13. वह बच्चा कौन था?
- E14. रात के तीन बजे
- E15. तीसरे दरवाज़े के पीछे
- E16. तीसरा वादा
- E17. वापसी का रहस्य
- E18. वापसी का निशान
- E19. तीसरे बच्चे का चेहरा
- E20. तस्वीर के पीछे का सच
sunny — 5/5 — hace 11 días
I heard this story, it is a good story, I like this story
Arun maurya maurya — 5/5 — hace 11 días
bhai kahani bdya bnai hai