
प्यार का शतक
प्यार का शतक फटे जूते, कलाई पर खूनी रिस्टबैंड और 22 गज की पट्टी पर रूह कंपा देने वाला मुकाबला। राजीव शर्मा... धारावी की संकरी गलियों का वो बेनाम लड़का, जो महेंद्र....
प्यार का शतक फटे जूते, कलाई पर खूनी रिस्टबैंड और 22 गज की पट्टी पर रूह कंपा देने वाला मुकाबला। राजीव शर्मा... धारावी की संकरी गलियों का वो बेनाम लड़का, जो महेंद्र सिंह धोनी को अपना भगवान मानता है और जिसकी रगों में बर्फानी शांति के साथ क्रिकेट का जूनून दौड़ता है। उसकी कलाई पर बंधा है एक पुराना, घिसा हुआ लेदर बैंड—एक ऐसा रहस्यमयी राज़ जो गेंद को हवा में ही मोड़ देने की हैरतअंगेज़ ताकत देता है, पर बदले में हर बार जिस्म से खौफनाक दर्द और खून निचोड़ लेता है। दूसरी तरफ है अनुराधा रायचंद... अरबों के बिजनेस साम्राज्य की बेरहम और बेपरवाह मल्लिका, जो इंसानों को सिर्फ मुनाफे और नुकसान का मोहरा समझती है। जब अपनी साख और करोड़ों का सौदा बचाने के लिए वह राजीव शर्मा की रूह पर दो करोड़ का दांव लगाती है, तो वानखेड़े की लाल मिट्टी में बारूद बिछ जाता है। पर यह सिर्फ चौकों और छक्कों का खेल नहीं है। पवेलियन के बंद कमरों में खड़ा है विक्रम सिंघानिया का वो खौफनाक सिंडिकेट, जिसने कभी राजीव के पिता की रीढ़ तोड़ी थी और जो आज भी उस जादुई कलाई के पीछे शिकारी कुत्तों की तरह पड़ा है। क्या अपनी बीमार मां की आखिरी सांसों को बचाने के लिए राजीव शर्मा अपनी जान दांव पर लगा देगा? क्या पत्थरों जैसी बेरहम अनुराधा रायचंद का दिल उस फटे जूते वाले लड़के के आगे पिघलेगा? या फिर उस आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर रिस्टबैंड से बहता खून मैदान की मिट्टी में मिलकर सब कुछ राख कर देगा? धोखे, बेइंतहा मोहब्बत, जानलेवा साजिशों और अलौकिक शक्तियों का एक ऐसा चक्रव्यूह... जहां हर गेंद पर मौत है और हर फैसले पर ज़िंदगी दांव पर लगी है। कान में हेडफोन लगाइए और राजीव शर्मा के इस खूनी खेल की पहली गेंद का सामना कीजिए!