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किस्से नवागढ़ के
COMPLETED SERIES

किस्से नवागढ़ के

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3
|1
Suspense & Thriller

नवागढ़, छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में से एक। जहाँ धान के खेतों की महक रात में भी नहीं मिटती। जहाँ महामाया देवी का प्राचीन मंदिर है और उसके ठीक पीछे एक टिला....

नवागढ़, छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में से एक। जहाँ धान के खेतों की महक रात में भी नहीं मिटती। जहाँ महामाया देवी का प्राचीन मंदिर है और उसके ठीक पीछे एक टिला – लोग कहते हैं वो राममहल था, और चारों तरफ गड्ढे में आज भी पानी खड़ा रहता है, जैसे कोई जल प्रहरी हो। रमेश, नवागढ़ का मूल निवासी, 50 साल की उम्र में जब अपने बचपन को याद करता है तो उसकी रीढ़ में अभी भी ठंडक दौड़ जाती है। 7 साल की उम्र में उसने सबसे पहले चटिया मटिया को देखा था – दो बौने, कांवर में टोकरी, जो भोजन चुराते थे। फिर उसके चाचा के लड़के की मौत के बाद छप्पर पर कंकड़ गिरने लगे। फिर मौसी के साथ कुंए में डूबी औरत जो गायब हो गई। फिर मुंगेली रोड पर सफेद कपड़ों वाला आदमी जो कभी बाईं, कभी दाईं तरफ होता था और पास आते ही गायब। और सबसे आखिर में – अपनी साड़ी में पेशाब करते हुए उसने दो बाघ गुर्राते हुए देखे, जिनकी नजर उसकी तरफ नहीं थी। हर घटना अलग थी। हर घटना सच्ची थी। और हर घटना एक ही श्राप से जुड़ी थी – नरवरगढ़ के राजा का पुराना अन्याय, जिसका बदला महामाया देवी आज भी ले रही हैं। रमेश अब टिले पर खड़ा होकर पूछता है – ये श्राप था? या हमारी मिट्टी ने अपने अपराध छिपाने के लिए भूतिया कहानियाँ गढ़ ली थीं? तुम यकीन नहीं करोगे… लेकिन कसम से, ये सब मेरे साथ हुआ है।