
एक योद्धाकी अनकही दास्तान
एक ऐसा ग्रह जहाँ शक्ति ही कानून है, और हर योद्धा की ताकत एक रहस्यमयी स्तंभ से मापी जाती है। ध्रुव, जिसने दस साल की उम्र में नौ सितारे जगाकर....
एक ऐसा ग्रह जहाँ शक्ति ही कानून है, और हर योद्धा की ताकत एक रहस्यमयी स्तंभ से मापी जाती है। ध्रुव, जिसने दस साल की उम्र में नौ सितारे जगाकर इतिहास रचा था, आज उसी स्तंभ के सामने खड़ा है, जहाँ उसकी शक्ति का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। तीन साल पहले, वह महान योद्धा था, लेकिन अब भीड़ उसे 'शून्य' कहकर पुकारती है। उसकी मंगेतर, लारा, उसे एक करिश्माई शरबत देती है, जो कमजोर योद्धाओं के लिए घातक हो सकता है, और फिर एक ऐसा प्रस्ताव रखती है जो ध्रुव के दिल को तोड़ देता है। लेकिन इस अपमान और टूटे हुए रिश्ते के बीच, एक प्राचीन आत्मा जागृत होती है, जो ध्रुव को बताती है कि उसकी शक्ति कभी कम नहीं हुई थी, बल्कि उसे चुराया जा रहा था। क्या ध्रुव अपनी खोई हुई शक्ति को वापस पाकर अपने सम्मान और प्यार के लिए लड़ेगा, या यह द्वंद्व उसे हमेशा के लिए बदल देगा?
- E1. जिस दिन सितारे बुझ
- E2. अंगूठी में कैद रहस्य
- E3. गुरु जिसने मेरी शक्ति
- E4. अमृतधारा की पहली परीक्षा
- E5. अपने ही घर का गद्दार
- E6. अंगूठी के अंदर छिपा दूसरा चेहरा
- E7. माँ की आखिरी पुकार
- E8. नौ सितारों के पा
- E9. दोस्त या दुश्मन?
- E10. माँ की मौत का सच
- E11. काल-गर्भ का पहला संकेत
- E12. काल-रक्षक की परीक्षा धड़ाम!
- E13. माँ जैसी दिखने वाली औरत
- E14. जिस पर भरोसा था, वही संदिग्ध
- E15. शून्य दुर्ग का द्वार
- E16. मेरे जैसा दिखने वाला शत्रु
- E17. माँ की आखिरी शक्ति
- E18. पिता या शक्ति?
- E19. ध्रुव के भीतर छिपा विनाश
- E20. आठवें सितारे का तूफ़ान