
एक दिल दो रिश्ते
रात के सन्नाटे में, आकाश की नींद हराम है, जब उसके कानों में अपने पिता और सौतेली माँ की बेपरवाह हँसी ज़हर घोल रही है। पाँच साल पहले, एक अदालत....
रात के सन्नाटे में, आकाश की नींद हराम है, जब उसके कानों में अपने पिता और सौतेली माँ की बेपरवाह हँसी ज़हर घोल रही है। पाँच साल पहले, एक अदालत के फैसले ने उसके हँसते-खेलते परिवार को दो टुकड़ों में बाँट दिया था, और अब वह अपने ही घर में एक फ़ालतू सदस्य बनकर रह गया है। लेकिन जब आधी रात को उसकी छोटी बहन वृष्टि का डरा हुआ फोन आता है, तो आकाश के अंदर सालों से दबा गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फटने को तैयार है। अपनी सगी माँ की बेरहमी और सौतेले पिता की अनदेखी के बीच फँसी वृष्टि की चीखें आकाश के दिल को चीर देती हैं। वह जानता है कि उसे कुछ करना होगा, लेकिन इस बेबस कैद से निकलकर अपनी बहन को इस नरक से कैसे बचाएगा, जब उसके पास न पैसा है, न पहचान, और न ही कोई सहारा?
- E1. मध्यरात्रि का क्रंदन
- E2. एक थप्पड़ और श्मशान का सन्नाटा
- E3. एक नई शुरुआत की तरफ
- E4. गंगा किनारे वो रात
- E5. नई राह
- E6. दिल की धड़कन
- E7. सूर्य की बारिश और अनकही बातें
- E8. चाय का कुल्हड़ और इज़्ज़त का फ़ालूदा
- E9. काली रात, अनजान डर और एक मीठा एहसा
- E10. असली खेल तो अब शुरू हुआ है!
- E11. रात की खामोशी और दो बेचैन आंखें
- E12. चूहों का तांडव
- E13. चलती ट्रेन और हंगामे भरी सुबह
- E14. सपनों के शहर में अलविदा की गूंज
- E15. मुंबई की भीड़ में खोया पता और एक अधूरी त
- E16. रिश्तों की डोर और मीठी तकरार
- E17. ढोंगी साधु का तांडव
- E18. द ओशिनिया' और एक धुंधला अतीत
- E19. सवालों का बवंडर
- E20. रात का राज़
aparna roy — 5/5 — 1M ago
very good
Rajesh Dhara — 5/5 — 1M ago
very nice story
shilpa dhara — 5/5 — 1M ago
beautyful story
Amlan — 5/5 — 2M ago
very nice