
उत्तराधिकारअर्धचंद्र का
अर्धचंद्र का उत्तराधिकारी वर्ष 3098… दुनिया बदल चुकी है। सभ्यता के खंडहरों के बीच अब इंसानों का राज नहीं रहा। धरती पर ऐसे रहस्यमयी शक्तियाँ और प्रजातियाँ जन्म ले चुकी हैं जिनके सामने....
अर्धचंद्र का उत्तराधिकारी वर्ष 3098… दुनिया बदल चुकी है। सभ्यता के खंडहरों के बीच अब इंसानों का राज नहीं रहा। धरती पर ऐसे रहस्यमयी शक्तियाँ और प्रजातियाँ जन्म ले चुकी हैं जिनके सामने मानव अस्तित्व ही एक सवाल बन गया है। इसी अंधेरे भविष्य में एक युवा — सागर — अचानक एक ऐसे रहस्य से टकराता है जो पूरी दुनिया का संतुलन बदल सकता है। उसे पता चलता है कि वह केवल एक साधारण इंसान नहीं, बल्कि अर्धचंद्र की प्राचीन शक्ति का उत्तराधिकारी है। एक ऐसी शक्ति, जिसे सदियों से छिपाकर रखा गया था… एक ऐसा रहस्य, जिसके लिए कई शक्तियाँ युद्ध करने को तैयार हैं… और एक ऐसी नियति, जिससे बच पाना शायद असंभव है। क्या सागर इस शक्ति को समझ पाएगा? क्या वह दुनिया को विनाश से बचा पाएगा… या वही उसके अंत का कारण बनेगा? रहस्य, शक्ति, विश्वासघात और नियति की इस अद्भुत यात्रा में आपका स्वागत है।
- E1. महाखंड एकद्वीप का चयन
- E2. पहला विश्वासघात
- E3. द्वीप का चयन
- E4. आकाशीय शिकारी
- E5. अंधकार का हृदय और अग्नि का निर्णय
- E6. सत्य का दर्पण और अंधकार का प्रस्ताव
- E7. प्राचीन जागरण और रक्त का रहस्य
- E8. अंतिम टकराव और अधूरा विनाश
- E9. छाया का बीज और अग्नि का उत्तराधिकारी
- E10. दो धड़कनों का संग्राम और तीसरी राह
- E11. अंतराग्नि का उद्घाटन
- E12. नक्षत्रों के पार का आह्वान
- E13. रक्तसागर की रात
- E14. छाया का प्रस्ताव
- E15. श्मशान द्वीप का सत्य
- E16. रक्त की दूसरी धड़कन
- E17. रक्तवृत्त का निर्णय
- E18. राजधानी की ओर
- E19. शपथ की अग्नि और रक्त का ऋण
- E20. छह शंख का आह्वान और गहराइयों विश्वासघात