
Vampiric Ascendant Lord
एक भयावह रात में, आर्यन का चौदहवाँ जन्मदिन उसके खून की शुद्धता की परीक्षा लेकर आता है। जब उसके शरीर से तीव्र लाल प्रकाश फूटता है, तो यह साबित होता....
एक भयावह रात में, आर्यन का चौदहवाँ जन्मदिन उसके खून की शुद्धता की परीक्षा लेकर आता है। जब उसके शरीर से तीव्र लाल प्रकाश फूटता है, तो यह साबित होता है कि उसकी रक्त शुद्धता नब्बे प्रतिशत से भी अधिक है, जो उसे अपने कबीले का भविष्य बनाती है। लेकिन जश्न से पहले ही, एक जोरदार धमाका पूरे महल को दहला देता है। बाहर चीख-पुकार मच जाती है, और आर्यन के पिता यश को पता चलता है कि उनके कबीले पर हमला हुआ है। आर्यन और उसकी माँ को एक गोदाम में छिपा दिया जाता है, जहाँ से वे अपने पिता को लहूलुहान और एक आँख खोए हुए देखते हैं। यश अपनी अंतिम साँसें लेते हुए आर्यन को भागने का आदेश देता है, लेकिन तभी काले कपड़ों में लिपटे वैम्पायरों का एक दल उन्हें घेर लेता है। आर्यन की माँ का कटा हुआ सिर उसके पैरों के पास गिरता है, उसकी आँखों में केवल डर और चिंता दिखती है। अब सिर्फ आर्यन बचा है, और एक वैम्पायर उसे मारने ही वाला होता है कि दूसरा उसे रोक देता है। वह आर्यन की असाधारण रक्त शुद्धता को एक शक्तिशाली हथियार बनाने की बात करता है, और फिर आर्यन के सिर पर हाथ रखकर एक जहरीली जादूई ऊर्जा उसके शरीर में प्रवाहित कर देता है। आर्यन दर्द से चीखता है, उसकी नसें एक-एक करके टूटती हैं, और वह हमेशा के लिए एक बेबस कठपुतली बन जाता है। क्या आर्यन कभी इस अभिशाप से मुक्त हो पाएगा, या वह हमेशा के लिए अपने दुश्मनों का गुलाम रहेगा?