
Shamshad AurShahi Khazana
हर ख़ज़ाने की एक कीमत होती है और यहाँ कीमत है, जान से भी कहीं ज़्यादा। एक पुराना किला एक रहस्यमयी सुरंग और तीन दोस्त जिन्हें नहीं पता कि वो....
हर ख़ज़ाने की एक कीमत होती है और यहाँ कीमत है, जान से भी कहीं ज़्यादा। एक पुराना किला एक रहस्यमयी सुरंग और तीन दोस्त जिन्हें नहीं पता कि वो मौत के मुंह में कदम रख चुके हैं। जब शमशाद, अल्ताफ़ और शोएब एक भूलभुलैया जैसी सुरंग में दाखिल होते हैं, तो उन्हें सिर्फ़ सोना-चांदी नहीं मिलता बल्कि एक ऐसा शापित खज़ाना मिलता है जिसे सदियों से अंधेरे में छुपाया गया था। इतिहास की सड़ी हुई परतों के नीचे एक कश्मीरी शासक की आत्मा तड़प रही है… और अब वो जाग चुकी है। रातें लंबी होती जा रही हैं, परछाइयाँ गहरी होती जा रही हैं और हर दरवाज़े के पीछे मौत उनका इंतज़ार कर रही है। "कुछ ख़ज़ाने सोने के नहीं होते... कुछ ख़ज़ाने खून माँगते हैं।" एक भूली हुई सुरंग, एक जागी हुई आत्मा और वो चीख़ जो सदियों से गूंज रही है… अब शमशाद उसे सुन चुका है। क्या शमशाद सच को उजागर कर पाएगा? या वो भी उन अनगिनत लोगों की तरह रहस्य बनकर हमेशा के लिए दफ्न हो जाएगा? जानने के लिए सुनिए, "Shamshad Aur Shahi Khazana" सिर्फ "Pocket FM" पर।