
The Silence Past
“कोचिंग क्लास की वो शाम, जब सब कुछ बिल्कुल आम था... नताशा और उसकी सहेली रिया हंसते-बातें करते घर की तरफ बढ़ रही थीं। लेकिन उसे क्या पता था... लेकिन....
“कोचिंग क्लास की वो शाम, जब सब कुछ बिल्कुल आम था... नताशा और उसकी सहेली रिया हंसते-बातें करते घर की तरफ बढ़ रही थीं। लेकिन उसे क्या पता था... लेकिन उसे क्या पता था कि यही रास्ता उसकी जिंदगी बदलने वाला है।” वह सोच भी नहीं सकती थी, की क्लास से निकलने के कुछ मिनट बाद उसकी जिंदगी बदल जाएगी। “19 साल की नताशा... जो बीबीए सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी। कोचिंग क्लास से लौट रही थी कि तभी बीच सड़क पर चारों ओर से आई चमचमाती काले रंग की गाड़ियां उसके पास आकर रुक गईं। नताशा की सांसे तेजी से चल रही थीं, वह कुछ भी समझ नहीं पा रही थी कि आखिर क्या हो रहा है? तैनात हो गईं और उनमें से निकले काले रंग के सूट पहने हुए आदमी जिनके हाथों में बंदूक के थीं। एक अजनबी ने उसका रास्ता रोक लिया और उसने कहा— “तुम मेरी पत्नी हो!”। “क्यों कह रहा था पोशाक नताशा को अपनी पत्नी? यह कोई गलतफहमी थी यश के पीछे छुप कोई गहरा राज था?”