
ताज
ताज - कहानी विवरण शीर्षक: ताज शैली: ऐतिहासिक फंतासी, रहस्य, बदला, एक्शन कहानी का संक्षिप्त विवरण अर्जुन - एक साधारण पुरातत्वविद् के रूप में जीवन जी रहा एक युवक, जिसे नहीं पता कि उसकी....
ताज - कहानी विवरण शीर्षक: ताज शैली: ऐतिहासिक फंतासी, रहस्य, बदला, एक्शन कहानी का संक्षिप्त विवरण अर्जुन - एक साधारण पुरातत्वविद् के रूप में जीवन जी रहा एक युवक, जिसे नहीं पता कि उसकी रगों में महासम्राट विक्रमादित्य का खून बहता है। बीस साल पहले, एक भयंकर षड्यंत्र में उसका पूरा परिवार - सिंधुराज साम्राज्य के शासक - मिटा दिए गए। महज़ दो साल का बच्चा, अर्जुन को एक वफ़ादार सेवक ने बचाकर एक साधारण परिवार में छुपा दिया। आज अर्जुन दिल्ली में रहता है, अपनी धुंधली यादों और अजीब सपनों से परेशान। उसे नहीं पता कि उसके माथे पर का जन्मचिह्न असल में राजसी मुहर है, कि उसके भीतर छुपी अद्भुत शक्तियां उसकी शाही विरासत का हिस्सा हैं। जब एक रहस्यमयी नीलम पत्थर उसके हाथ लगता है, तो उसकी दुनिया उलट जाती है। अचानक उभरती यादें, रहस्यमयी हमले, और एक प्राचीन भविष्यवाणी - "जब अंधकार धरती को निगलने चलेगा, तब सिंधुराज का असली वारिस ही दुनिया को बचा सकेगा।" अर्जुन की यात्रा शुरू होती है - अपनी पहचान खोजने की, अपने परिवार के हत्यारों से बदला लेने की, और सबसे बड़ा... कालसर्प नाम की एक प्राचीन बुराई को हराने की, जो पूरी मानवता को नष्ट करने के लिए जाग रही है। राजस्थान के रेगिस्तानों से लेकर हिमालय की गुफाओं तक, अर्जुन को जुटाने होंगे सात दिव्य अस्त्र, एकजुट करने होंगे बिखरे हुए छह राजवंश, और सबसे कठिन - अपने ही चचेरे भाई राजवीर से लड़ना होगा, जिसने गद्दारी करके सिंहासन हथिया लिया था। प्यार, धोखा, जादू, तलवारों की झनकार, राजनीतिक षड्यंत्र, और अलौकिक शक्तियों से भरी यह कहानी है एक छीने हुए ताज को वापस पाने की... और दुनिया को बचाने की। मुख्य पात्र अर्जुन वर्मा / युवराज अर्जुन सिंधुराज - नायक, असली वारिस मीरा - एक रहस्यमयी योद्धा लड़की, जो अर्जुन की मदद करती है राजवीर सिंधुराज - मुख्य खलनायक, गद्दार चचेरा भाई महागुरु वशिष्ठ - अर्जुन के मार्गदर्शक, प्राचीन संत कालसर्प - अंतिम महाखलनायक, प्राचीन दानव रानी मृणालिनी - अर्जुन की मृत माँ (फ़्लैशबैक में) राजा विक्रमादित्य सिंधुराज - अर्जुन के मृत पिता