
Modern Draupadi
यह कहानी "कल्युग की द्रौपदी" एक रोमांटिक-ड्रामा फैंटेसी है, जिसमें प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म की अद्भुत यात्रा दिखाई गई है। कहानी की शुरुआत होती है सौरगढ़ की महारानी सौरंधी से, जो....
यह कहानी "कल्युग की द्रौपदी" एक रोमांटिक-ड्रामा फैंटेसी है, जिसमें प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म की अद्भुत यात्रा दिखाई गई है। कहानी की शुरुआत होती है सौरगढ़ की महारानी सौरंधी से, जो 16वीं शताब्दी में एक पौराणिक परंपरा के तहत पाँच भाइयों की पत्नी बनती है। उसका पहला प्रेम और सबसे प्रिय पति रूद्र है, लेकिन वह अपने बाकी चार पतियों – अरविंद, विहार, नैर्विक, और विप्र – से भी उतना ही स्नेह रखती है। युद्ध से लौटने के बाद महल में खुशियाँ लौटती हैं, लेकिन तभी ज्योतिषाचार्य एक भयानक भविष्यवाणी करते हैं – अगर सौरंधी उस रात के बाद जीवित रही, तो अगले तीन दिनों में उसके पाँचों पति मर जाएँगे। पति की जान बचाने के लिए, सौरंधी अपने प्राण त्यागने का कठिन निर्णय लेती है। उसकी यह कुर्बानी देखकर पाँचों पति भी उसके साथ मृत्यु को गले लगा लेते हैं, और सौरगढ़ शोक में डूब जाता है। ज्योतिषाचार्य यह भी बताते हैं कि सौ वर्षों बाद, जब वही दुर्लभ नक्षत्र दोबारा आएगा, तो सौरंधी पुनर्जन्म लेगी और अपने पाँचों पतियों से फिर मिलेगी – लेकिन इस बार हालात और समय अलग होगा। कहानी का USP – इसमें ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पौराणिक तत्व, गहरी भावनाएँ, प्रेम और त्याग, और रीबर्थ ट्रैक का रोमांच है। आगे की कहानी में दिखेगा कि कैसे कल्युग में पुनर्जन्म के बाद सौरंधी और उसके पाँच पति फिर मिलेंगे, और क्या इस जन्म में वो सब अधूरा प्रेम पूरा हो पाएगा या नहीं।