
Mirzanpur Ki Divya – Ek Stree Aghori
कहते है, प्यार में पड़ा इंसान अंधे बैल की तरह होता है, जिसे चीजे दिखती तो है, पर उनके ऊपर की रंगीन मुखौटा नहीं दिखता। कुछ ऐसी ही कहानी है,....
कहते है, प्यार में पड़ा इंसान अंधे बैल की तरह होता है, जिसे चीजे दिखती तो है, पर उनके ऊपर की रंगीन मुखौटा नहीं दिखता। कुछ ऐसी ही कहानी है, मिथक और नाजिया की। जहाँ दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट्स का एक ग्रुप, अपने रिसर्च वर्क के लिए बनारस घूमने आते है, और फिर उस ग्रुप के एक लड़के मिथक को हो जाता है, बनारस की एक खूबसूरत लड़की, नाजिया से प्यार। लेकिन ये प्यार का बुखार तब उतरता है, जब उस स्टूडेंट ग्रुप के साथ होने लगता है एक के बाद एक अनहोनी। और फिर उनके बीच फैलता है, मौत और खौफ का एक ऐसा भंवरजाल, जिससे बचाने मसीहा बनकर आता है, एक शक्तिशाली मिस्टीरीयस अघोरी। लेकिन क्या ये इतना आसान होगा? क्या है, उस मिस्टीरीयस अघोरी का रहस्य? कौन है, मौत और खौफ के इस भंवरजाल का मास्टरमाइन्ड? क्या मकसद है उसका? और आखिर क्यों पड़ी है वो काली शक्ति कॉलेज के इन स्टूडेंट्स के पीछे? जानने के लिए सुनिए, "Mirzanpur Ki Divya – Ek Stree Aghori" सिर्फ "Pocket FM" पर।