
रूद्र मृत्यु का दूत
रुद्र सूर्यवंश का अंतिम वारिस है, जिसे उसके चाचा समरवीर ने धोखा देकर सिंहासन से गिरा दिया। अपनी बहन आयाना को बचाते हुए रुद्र की मृत्यु हो जाती है। लेकिन मृत्यु....
रुद्र सूर्यवंश का अंतिम वारिस है, जिसे उसके चाचा समरवीर ने धोखा देकर सिंहासन से गिरा दिया। अपनी बहन आयाना को बचाते हुए रुद्र की मृत्यु हो जाती है। लेकिन मृत्यु के बाद उसे मृत्यु-प्रतिबिंब लोक में दूसरा जीवन मिलता है। बदले में उसे अपनी प्रिय स्मृतियां त्यागनी पड़ती हैं। उसे रहस्यमयी शक्ति मिलती है—शून्य-चक्र, जो उसके दर्द को शक्ति में बदल देता है। रुद्र निशब्द-आकाश महायोद्धा विद्यापीठ में R-7 नव-शिष्य के रूप में प्रवेश करता है। यहां उसे रैंक बढ़ाने के लिए खतरनाक परीक्षाओं, रक्त-शपथ एरीना और राक्षस-टावर से गुजरना होगा। वहीं दूसरी तरफ उसकी बहन आयाना वैम्पायर कबीले की कैद में है। उसके रक्त में सूर्यवंश की ऐसी शक्ति छिपी है जिससे एक प्राचीन अमर देव-राज को जगाया जा सकता है। EP 4 में रुद्र राक्षस-टावर की पहली मंजिल पार करता है और एक प्राचीन संदेश से जानता है कि सूर्यवंश के अंतिम वारिसों के साथ सदियों से विश्वासघात होता आया है। उसे सात शक्तियों और सात मुहरों का रहस्य भी मिलता है। अब रुद्र के सामने असली सवाल है— क्या आयाना को बचाने के लिए वह अपनी सारी स्मृतियां खो देगा? और सबसे बड़ा रहस्य— आयाना के भीतर आखिर कौन-सी शक्ति जाग रही है?
- E1. मृत्यु के बाद दूसरा जीवन
- E2. पहली स्मृति की कीमत
- E3. रक्त-शपथ एरीना
- E4. राक्षस-टावर का पहला द्वार
- E5. मौन गुरु की परीक्षा
- E6. आयाना की रक्त-विद्या
- E7. आखिरी बाज़ी का खेल
- E8. निषिद्ध तल का रहस्य
- E9. पहली सूर्य-मुहर
- E10. शून्य का मापन
- E11. पिता की आखिरी शपथ
- E12. रक्त-गुफा का द्वार
- E13. तीसरी मुहर का जागरण
- E14. गुरु का असली चेहरा
- E15. भाई-बहन का युद्ध
- E16. अनाहत-केंद्र की अंतिम परीक्षा
- E17. सूर्यवंश का पहला पुत्र
- E18. अमर देव-राज का पहला वार
- E19. मृत्यु के प्रतिबिंब-लोक का रहस्य
- E20. आयाना की आखिरी बचपन की याद