
DarkThrone the Mafia King
"दो दोस्त, दो साये और एक ऐसा अतीत जो पीछा नहीं छोड़ता!" अचिंत्य और इयांश—सिर्फ दोस्त नहीं, एक-दूसरे की परछाईं हैं। वो दोनों अपनी shadमाओं के उस संघर्ष की उपज हैं,....
"दो दोस्त, दो साये और एक ऐसा अतीत जो पीछा नहीं छोड़ता!" अचिंत्य और इयांश—सिर्फ दोस्त नहीं, एक-दूसरे की परछाईं हैं। वो दोनों अपनी shadमाओं के उस संघर्ष की उपज हैं, जिन्होंने समाज के तानों को सहकर उन्हें फौलाद बनाया है।अचिंत्य शांत है, कृष्ण की भक्ति में डूबा रहता है, क्योंकि उसके अंदर भी अपने पिता जैसा ही भयानक गुस्सा है, जिसे वो सिर्फ भक्ति से काबू करता है। वहीं इयांश, अचिंत्य की ढाल है।दोनों मार्शल आर्ट्स में इतने माहिर हैं कि मौत को छूकर वापस आ जाएं। और एक-दूसरे पर जान छिड़कते हैं। लेकिन किस्मत उन्हें खींचकर मुंबई ले आती है, जहाँ उनका सामना होता है दो ऐसे रईस और क्रूर इंसानों से, जो हुबहू उनकी तरह दिखते हैं। वो 'माफिया' हैं, वो 'बेरहम' हैं और वो अचिंत्य और इयांश के अनजाने पिता हैं। हैरानी की बात यह है कि उन माफियाओं को इस बात का इल्म तक नहीं कि दुनिया में उनके जैसे दिखने वाले कोई और भी हैं, या उनका कोई बेटा भी है अचिंत्य और इयांश के दिल में अपने पिताओं के लिए सिर्फ नफरत है, क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी माओं ने क्या झेला है। जब शहर की बेबाक माफिया क्वीन—ज़ोया, इस खेल में शामिल होती है, तो सब कुछ उलझ जाता है। एक तरफ अचिंत्य का अपने गुस्से और भक्ति के बीच का युद्ध है, और दूसरी तरफ अपनी माओं की हिफाज़त की कसम। दूसरी तरफ, अचिंत्य और इयांश के पास कुछ ऐसे गहरे राज और ऐसी गुप्त पहचान (Identities) हैं, जिनसे उनकी अपनी माएँ भी पूरी तरह अनजान हैं। क्या होगा जब ये दो बेटे अपने ही पिताओं के सामने खड़े होंगे? क्या अचिंत्य अपनी कृष्ण-नीति से उन पिताओं को झुकने पर मजबूर कर देगा ? "खून एक है, शक्ल एक है... जंग अब संस्कारों की है!"
- E1. रहस्यमयी राग और दो परछाइयाँ
- E2. मुखौटे और अनकहे राज़
- E3. नियति का बुलावा और मुंबई
- E4. खौफ का साया और माया नगरी में कदम
- E5. अँधेरी की रात और नियति का आगाज़
- E6. टकराती हुई राहेंऔर खून की पुकार
- E7. नकाबपोश साये और रूहानी अक्स
- E8. कॉलेज का गलियारा और प्यून की हैरानी
- E9. प्रिंसिपल ऑफिस और कन्फ्यूजन
- E10. इयांश का बेनकाब चेहरा
- E11. अचिंत्य ने दबोची पलक की गर्दन
- E12. प्रताप विला में कोहराम
- E13. सिटी लाइफ हॉस्पिटल
- E14. एक खौफनाक खुलासा
- E15. अतीत की गूँज और बेपर्दा राज
- E16. अतीत का गुनाह और अधूरी दास्ताँ
- E17. अतीत की परछाइयां
- E18. व्हाइट टाइगर का वार
- E19. 20 साल पुरानी फुटेज
- E20. दहकता प्रतिशोध
Dharamraj Singha — 5/5 — 15 days ago
You should continue this story it's very interesting. comments kam isliye hote hai kyuki kahani me interest jyada rehta hai aur log ise continuously sunna chahte he❤️