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Aur Gaon Veeran Ho Gaya | और गांव वीरान हो गया | Author - Kuldeep Kaur

Aur Gaon Veeran Ho Gaya

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4.7
|1
Historical
G

यह कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान एक पंजाबी गाँव की दर्दभरी तस्वीर पेश करती है, जहाँ एकता और भाईचारे की बुनियाद पर बना समाज अचानक हिंसा और अलगाव....

यह कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान एक पंजाबी गाँव की दर्दभरी तस्वीर पेश करती है, जहाँ एकता और भाईचारे की बुनियाद पर बना समाज अचानक हिंसा और अलगाव की आग में जलने लगता है। कभी बच्चों की किलकारियों और खेतों में काम करते किसानों से भरा गाँव अब एक भूतहा खंडहर बन चुका है, जहाँ केवल भान नामक एक शिक्षक रह गया है, जिसने अपने परिवार को तो बचा लिया, पर खुद गाँव छोड़ने में असमर्थ रहा। क्या यह उसकी मजबूरी थी या अपनी मिट्टी से अंतिम पल तक जुड़े रहने की जिद? गाँव की वीरान गलियों में भटकते हुए भान के मन में बीते दिनों की यादें कौंधती हैं, जब हिंदू, सिख और मुसलमान साथ मिलकर रहते थे, बाबा फरीद की शिक्षाएँ अपनाते थे, और हर त्योहार एक साथ मनाते थे। लेकिन अब, क्या वह अपनी पहचान बचा पाएगा या इतिहास के दर्दनाक पन्नों में खो जाएगा? जानने के लिए सुनिए, "Aur Gaon Veeran Ho Gaya" सिर्फ "Pocket FM" पर।