
The Fire God AGNI DEV
युद्ध और रक्तपात से जर्जर धरती पर, जहाँ जीवन और मृत्यु के बीच बस एक साँस का फ़ासला है, वहाँ जन्म लेता है अग्नि — एक ऐसा बालक, जिसे श्मशान....
युद्ध और रक्तपात से जर्जर धरती पर, जहाँ जीवन और मृत्यु के बीच बस एक साँस का फ़ासला है, वहाँ जन्म लेता है अग्नि — एक ऐसा बालक, जिसे श्मशान की आग और राख ने पाला है। उसकी आँखों में मासूमियत नहीं, बल्कि तपकर निकली हुई दृढ़ता है। खून और मौत उसके लिए भय नहीं, बल्कि साधारण दृश्य हैं। जब नियति उसे घायल योद्धा भानु से मिलवाती है, तो अग्नि अपने छोटे हाथों से उसके घाव बाँध देता है — बिना डरे, बिना काँपे। उसी पल से शुरू होती है वह यात्रा, जो एक साधारण बालक को अग्नि देव बनने की ओर ले जाएगी। यह केवल जीवित रहने की कहानी नहीं है, यह उस गाथा का उदय है जहाँ राख से जन्मा एक बालक आग का देवत्व धारण कर अपनी नियति स्वयं लिखता है।
- E1. युद्ध और अंत
- E2. अग्नि पुजारी भानु
- E3. शेर का शावक
- E4. एक नई गाथा का शुरुआत
- E5. नई तलवार
- E6. दो सितारे वाला योद्धा
- E7. ज्वाला शेर
- E8. एक नया लक्ष्य
- E9. अग्नि एक पांच सितारे वाला रक्षक
- E10. जन्मदिन का खास तौफा
- E11. विफलता और महारत
- E12. ज्वाला शेर से सीधा सामना
- E13. गुफा का रहस्य
- E14. मौत से सामना
- E15. नये रैंक पर अग्नि
- E16. निरंतर परिश्रम
- E17. स्वर्गीय क्षेत्र के जानवर की हड्डियां
- E18. सफर की शुरुआत
- E19. योद्धा होने के फायदे
- E20. ताकतवर परिवार की कमज़ोर नई पीढ़ी