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Divine System

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Fantasy
G

एक शापित शुरुआत और माता-पिता का बलिदान कहानी की शुरुआत रघुवंशी परिवार (महासेनापति भवन) के सीधे वारिस रुद्रांश के जन्म से होती है। लेकिन दुर्भाग्य से, वह 'बंद नाड़ियों' के साथ....

एक शापित शुरुआत और माता-पिता का बलिदान कहानी की शुरुआत रघुवंशी परिवार (महासेनापति भवन) के सीधे वारिस रुद्रांश के जन्म से होती है। लेकिन दुर्भाग्य से, वह 'बंद नाड़ियों' के साथ पैदा होता है, जिसका मतलब था कि वह कभी मार्शल आर्ट्स (साधना) नहीं कर सकता। अपने बेटे का इलाज खोजने और साम्राज्य की रक्षा के लिए, उसके माता-पिता (रणविजय और गायत्री) उसे हवेली में छोड़कर खूंखार 'उत्तरी गांधार' के मोर्चे पर राक्षसों से लड़ने चले जाते हैं।"माता-पिता के जाने के बाद, हवेली की राजनीति शुरू होती है। रुद्रांश की छोटी माँ (सुमित्रा) उसके बचपन की दवाई में ज़हर मिला देती है, ताकि रुद्रांश हमेशा के लिए अपाहिज और कमज़ोर ही रहे। पूरी दुनिया रुद्रांश को एक 'कबाड़' मानकर उस पर तरस खाती है। लेकिन, किसी को नहीं पता कि रुद्रांश (जो पिछले जन्म की यादें लेकर पैदा हुआ है) के पास एक जादुई 'सिस्टम पैनल' है। वह जानबूझकर आलसी होने का नाटक करता है और शतरंज, चित्रकला (Painting) और मछली पकड़ने (Fishing) जैसे शौकों से चुपचाप अपने 'अनुभव अंक' (XP) और 'कौशल अंक' (Skill Points) बढ़ा रहा है। इन्हीं जादुई अंकों की मदद से, रुद्रांश बिना कोई पसीना बहाए 'अनंत सागर' जैसी अचूक खड्ग विद्या (तलवारबाज़ी) और 'वज्र-शरीर' (Body Refinement) की सबसे खूंखार विद्याओं को मास्टर कर लेता है। इसी बीच, हवेली का एक सच्चा फौजी, 'सुमन काका', रुद्रांश के छुपे हुए टैलेंट को देख लेता है, लेकिन उत्तरी मोर्चे पर राक्षसों के हमले में वह शहीद हो जाता है (सिर्फ उसका कटा हुआ हाथ घर लौटता है)। यह घटना रुद्रांश के अंदर अपने परिवार की रक्षा करने की एक खामोश लेकिन भयंकर आग जला देती है। गौरी के जाने के बाद, रुद्रांश की ज़िंदगी में एक सनकी और बेहद ताकतवर बुज़ुर्ग 'विश्राम दादू' की एंट्री होती है। दादू रुद्रांश को 'मछली पकड़ने' (Fishing) ले जाते हैं। लेकिन ये कोई आम मछली पकड़ना नहीं है! रुद्रांश इस फिशिंग के बहाने खौफनाक 'असुर-मछलियों' (राक्षसों) का शिकार करता है और अपनी ताकत को एक अलग ही डायमेंशन में ले जाता है। अपने सिस्टम के 'मल्टीप्लायर्स' और जादुई नाड़ियों (महा-चंद्र नाड़ी) का इस्तेमाल करके, 7 साल का रुद्रांश अब इतना ताकतवर हो चुका है कि उसके एक मुक्के में 60 टन (60,000 किलो) का वज़न है। वह बड़े-बड़े राक्षसों और हत्यारों को पलक झपकते ही कुचल सकता है। अब देखना यह है कि जब उत्तरी सीमा का यह खतरा हवेली तक पहुँचेगा, तो यह 'कबाड़' समझा जाने वाला बच्चा दुनिया को अपनी असली ताकत कैसे दिखाएगा