
Shrapit Haweli
एक फोटोग्राफर, विक्रम, अपनी माँ को खोने के बाद सब कुछ गंवा चुका है। शहर की भीड़ से दूर, एक शांत जगह पर अपना स्टूडियो बनाने का उसका सपना टूट....
एक फोटोग्राफर, विक्रम, अपनी माँ को खोने के बाद सब कुछ गंवा चुका है। शहर की भीड़ से दूर, एक शांत जगह पर अपना स्टूडियो बनाने का उसका सपना टूट गया है। लेकिन फिर उसकी नज़र एक पुरानी हवेली के विज्ञापन पर पड़ती है – बेहद खूबसूरत, और हैरान करने वाली सस्ती। गाँव वाले उसे चेतावनी देते हैं कि जो भी रात में इस हवेली में रुकता है, वो कभी वापस नहीं आता। वे इसे अंधविश्वास मानता है, लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, हवेली का तापमान अचानक गिरने लगता है। पहली रात, अपने कैमरे से तस्वीरें लेते हुए, उसे हर फ्रेम में एक धुंधली परछाई दिखती है – एक लड़की की, सफेद कपड़ों में। क्या विक्रम ने सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि एक ऐसी सच्चाई खरीद ली है जो उसे हमेशा के लिए बदल देगी?
- E1. एक श्रापिथ हवेली
- E2. श्रापित हवेली
- E3. पुस्तक का सच
- E4. रात का वो काला साया
- E5. सच्चाई का सामना
- E6. रक्त अनुष्ठान
- E7. श्रापित शरीर
- E8. समय का पहिया
- E9. हवेली का गुप्त कमरा
- E10. परछाइयों का पीछा
- E11. शैतानी निशान
- E12. रहस्यमय अवशेष
- E13. छाया या छल क्लाईमैक्स