
Mahabharat गांडीव धारी अर्जुन
कुरुक्षेत्र की रणभूमि। एक तरफ धर्म, दूसरी तरफ अधर्म। और बीच में खड़ा है एक महायोद्धा — अर्जुन। उसके हाथ काँप रहे हैं, गांडीव छूट रहा है। सामने खड़े हैं उसके....
कुरुक्षेत्र की रणभूमि। एक तरफ धर्म, दूसरी तरफ अधर्म। और बीच में खड़ा है एक महायोद्धा — अर्जुन। उसके हाथ काँप रहे हैं, गांडीव छूट रहा है। सामने खड़े हैं उसके ही गुरु और पितामह, जिनसे उसे सबसे ज़्यादा प्रेम है। लेकिन, क्या अर्जुन हमेशा ऐसा ही था? यह कहानी सिर्फ युद्ध की नहीं, बल्कि उस योद्धा के मन की है, जिसने एक समय देवताओं को भी हराया था। यह कहानी है अर्जुन के जन्म से लेकर, उसके गुरु द्रोणाचार्य से मिले ज्ञान की, और उस हर एक संघर्ष की, जिसने उसे "अपराजेय" बनाया। पार्थ की आँखों से देखें महाभारत को, जहाँ हर निर्णय, हर तीर और हर रिश्ते का एक नया अर्थ है। यह कहानी है धर्म और मोह के बीच की, सत्य और भ्रम की, और एक ऐसे योद्धा के आंतरिक सफर की, जो अपनी सबसे बड़ी लड़ाई अपनों से लड़ रहा था। पार्थ की आँखों से देखिए महाभारत — जहाँ हर निर्णय, हर तीर और हर रिश्ता एक नया अर्थ रखता है।”
- E1. अर्जुन का मोह
- E2. देवव्रत का आगमन
- E3. भीष्म प्रतिज्ञा
- E4. कुरूवंश की नींव
- E5. पांडवों और कौरवों का जन्म
- E6. कौरवों की ईर्ष्या
- E7. द्रोणाचार्य का प्रथम पाठ
- E8. एकाग्रता का पहला पाठ
- E9. अंधकार का शिष्य अर्जुन
- E10. एकलव्य की अदभुत धनुर्विद्या
- E11. एकलव्य: त्याग का अमर शिष्य
- E12. एकलव्य की शुरुआत
- E13. मिट्टी का गुरु
- E14. अर्जुन का संशय
- E15. गुरु की माया, शिष्य की निष्ठा
- E16. धर्म, शक्ति और ज्ञान की परीक्षा
- E17. रंगभूमि की घोषणा
- E18. "गुरुकुल से रंगभूमि तक : भाग्य की पहली परीक्षा"
- E19. विजय का अहंकार और पराजय की हँसी
- E20. षड्यंत्र का चरम
Anshu — 5/5 — 3M ago
Amazing🙌🏻 Can't Imagine Mahabharat In Audio series will This Much Interesting and Perfect... Hats off for you Jittu 👏🏻🙌🏻👍🏻💫