
सत्य की सीमा
वीर को जब पता चलता है कि उसके पिता "सत्य के सिपाही" थे और उसकी माँ की हत्या अमर सम्राट विराट की चक्र परिषद ने की है, तो वह बदले....
वीर को जब पता चलता है कि उसके पिता "सत्य के सिपाही" थे और उसकी माँ की हत्या अमर सम्राट विराट की चक्र परिषद ने की है, तो वह बदले की आग में जल उठता है। लेकिन बदला लेने के लिए उसे पार करनी होंगी सात सीमाएँ—शरीर, मन, प्राण, आत्मा, काल, माया और अंत में सत्य की सीमा। एक जंगली राक्षसी ताकत वाले भीम, एक रहस्यमयी धनुर्धर आर्या जिसकी आँखों में सिर्फ बदले की आग है, और एक सनकी गुरु बाबा भैरव के साथ मिलकर वीर एक ऐसी यात्रा पर निकलता है जहाँ हर कदम पर मौत का साया है, हर शहर में चक्र परिषद का आतंक है, और हर मोड़ पर एक नया राज़ खुलता है। क्या वीर अपनी सातों सीमाएँ पार कर पाएगा? क्या वह उस अंतिम युद्ध को जीत पाएगा जिसकी आहट सदियों से सुनाई दे रही है? और क्या वह उस सत्य तक पहुँच पाएगा जिसे पाने के लिए उसके पिता ने अपनी जान दे दी? सुनिए "सत्य की सीमा"—एक महागाथा रोमांच, रहस्य, प्रेम और प्रतिशोध की।