
रक्त-मणि
जब लाल चाँद की रात में काल-भैरव अपनी सदियों की नींद से जाग उठता है, तो पाताल लोक की सीमाएँ कमज़ोर पड़ जाती हैं और दुनिया पर मौत का साया....
जब लाल चाँद की रात में काल-भैरव अपनी सदियों की नींद से जाग उठता है, तो पाताल लोक की सीमाएँ कमज़ोर पड़ जाती हैं और दुनिया पर मौत का साया मंडराने लगता है। ऐसे में, रुद्र नाम का एक योद्धा, जिसने अनजाने में 'रक्त-मणि' को शापित गुफा से निकालकर इस प्रलय को न्योता दिया है, अब अपने गाँव और पूरे महाद्वीप को बचाने की आखिरी उम्मीद है। उसके पीछे काल-भैरव के भयानक साया-राक्षस पड़े हैं, और उसके अपने लोग उसे इस विनाश का कारण मानकर बाहर फेंकना चाहते हैं। एक तरफ़ दोस्त कबीर की अटूट वफ़ादारी है, तो दूसरी तरफ़ विक्रम का विश्वासघात, जो उसे मणि के लिए शैतानों के हवाले करने को तैयार है। क्या रुद्र इस रक्त-मणि के रहस्य को सुलझा पाएगा और काल-भैरव के प्रकोप से दुनिया को बचा पाएगा, या आज की रात ही सब कुछ राख हो जाएगा?