
प्यार का पलट बार टूटा दिल
*“टूटी हवेली की अनचाही बहू और सादगी का नकाब पहना बादशाह: एक मजबूरी की शादी, छिपे हुए राज, और बदलती नियति की दास्तान”* ये कहानी है शिवानी खुराना की—खुराना ी मेंशन....
*“टूटी हवेली की अनचाही बहू और सादगी का नकाब पहना बादशाह: एक मजबूरी की शादी, छिपे हुए राज, और बदलती नियति की दास्तान”* ये कहानी है शिवानी खुराना की—खुराना ी मेंशन में वो बेटी जिसे कभी सर आँखों पर बिठाया जाता था, पर बहन के लौटते ही जिसका वजूद मिटा दिया गया। माँ-बाप की बेरुखी, घर से बेदखली, और बेसहारा हालात ने उसे ऐसी राह पर धकेल दिया जहाँ उसे मजबूरी में शादी का फैसला लेना पड़ा। रजिस्टर ऑफिस की चारदीवारी में बंधी उसकी अंगूठी सिर्फ एक कागज का रिश्ता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान बचाने की आखिरी डोर बन गई। और दूसरी तरफ है बिक्रम—दिखने में ठंडा, बातों में सख्त, और रहन-सहन में बेहद सादा। बाहर से वो एक आम बिजनेसमैन लगता है, पर उसकी स्टडी की अलमारियों में छिपी ‘सैन्य रणनीति’, ‘सत्ता की राजनीति’ और ‘उन्नत प्रौद्योगिकियां’ जैसी किताबें चीख-चीखकर कहती हैं कि ये शख्स सिर्फ बिजनेस नहीं, किसी बड़े खेल का खिलाड़ी है। ओपल हार्बर का उसका सादा किला भी एक नकाब है—जिसके पीछे ताकत, पावर और अनसुलझे राज़ छिपे हैं। जब शिवानी पहली बार बिक्रम के घर कदम रखती है, तो उसे लगता है कि शायद ये रिश्ता एकतरफा समझौता है। पर बिक्रम की चुप्पी, उसका तंज, और जरूरत पड़ने पर बड़े-बड़े रईस जैसे लोगों को एक झटके में झुका देने का अंदाज—ये सब शिवानी को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर ये मर्द है कौन? ये कहानी सिर्फ एक ‘कन्वीनियंस मैरिज’ नहीं है। ये दो टूटे हुए लोगों की टकराव भरी शुरुआत है—एक लड़की जो अपनों से ठुकराई गई है, और एक मर्द जो दुनिया से खुद को छिपाता है। उनके बीच खिंची ये लकीर धीरे-धीरे मिटेगी, या खून की लकीर बन जाएगी—ये फैसला वक्त करेगा। पर एक बात तय है: शिवानी ने ठान लिया है कि वो बिक्रम के दिल का ताला खोलकर रहेगी, और बिक्रम… वो शायद पहली बार किसी को अपने नकाब के पीछे झाँकने देगा।