
कोख का सौदागर
यह कहानी है चकाचौंध के पीछे छिपे गहरे राज़, धोखे और एक सहेली के अटूट संकल्प की। शहर की ऊंची इमारतों के पीछे एक ऐसा गुप्त नेटवर्क सक्रिय है, जहाँ....
यह कहानी है चकाचौंध के पीछे छिपे गहरे राज़, धोखे और एक सहेली के अटूट संकल्प की। शहर की ऊंची इमारतों के पीछे एक ऐसा गुप्त नेटवर्क सक्रिय है, जहाँ कुछ प्रभावशाली लोग मासूम ज़िन्दगियों का सौदा करते हैं। कहानी की शुरुआत होती है कमला नाम की एक लाचार लड़की की रहस्यमयी गुमशुदगी और उसके बाद मिले सुरागों से। जब भ्रष्ट व्यवस्था इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश करती है, तो कमला की जाबाज़ सहेली, किरण, सच को सामने लाने का बीड़ा उठाती है। अपराधियों को उनके ही जाल में फंसाने के लिए किरण खुद एक बेबस शिकार बनकर शहर से दूर जंगलों के बीच बने एक गुप्त केंद्र में पहुँच जाती है। वहाँ पहुँचकर किरण के सामने जो दिल दहला देने वाला सच आता है, वह उसकी कल्पना से भी परे था। वह केंद्र कोई अस्पताल नहीं, बल्कि एक गुप्त प्रयोगशाला है, जहाँ मसीहा का मुखौटा पहने एक प्रतिष्ठित डॉक्टर अमीर लोगों को हमेशा युवा बनाए रखने के लिए एक विशेष 'एंटी-एजिंग सीरम' तैयार करता है। और यह सीरम किसी जड़ी-बूटी से नहीं, बल्कि नवजात बच्चों के 'बोन मैरो' (अस्थि मज्जा) का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। अमीरों के चेहरों की चमक के लिए इन मासूमों के भविष्य को दांव पर लगा दिया जाता है। इस तंत्र के बीच फंसी किरण अब अकेले दम पर इस पूरे नेटवर्क और करोड़ों के इस काले व्यापार का पर्दाफाश करने के मिशन पर निकलती है। क्या किरण इस अवैध कारखाने को बंद करवा पाएगी? क्या वह उन मासूमों को न्याय दिला पाएगी या खुद उस कोठरी के अंधेरे में खो जाएगी? सस्पेंस और जज्बातों से भरी एक ऐसी रहस्यमयी कहानी, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।