
Yakshini
रतनपुर के घने जंगलों के बीच वीरान पड़ी एक पुरानी हवेली, जो सदियों से किसी के इंतज़ार में खामोश खड़ी है। शहर से आया 22 साल का अभिराज जब अपने....
रतनपुर के घने जंगलों के बीच वीरान पड़ी एक पुरानी हवेली, जो सदियों से किसी के इंतज़ार में खामोश खड़ी है। शहर से आया 22 साल का अभिराज जब अपने पूर्वजों की इस हवेली को बेचने के इरादे से वहां कदम रखता है, तो उसे अंदाज़ा भी नहीं होता कि वो सीधे मौत के मुंह में जा रहा है। हवेली के एक शापित 'पश्चिम वाले कमरे' में कैद है एक 'यक्षिणी'—एक ऐसी अदृश्य शक्ति जो जितनी खूबसूरत है, उतनी ही खौफनाक भी। वो दावा करती है कि अभिराज उसका प्रेमी है जो जन्मों बाद लौटा है। लेकिन क्या यह सिर्फ़ एक तरफा जूनून है, या अभिराज के परदादा द्वारा किया गया कोई अधूरा वादा? बंद दरवाजों के पीछे छिपे राज, खूनी पायल की आवाज़ और एक जानलेवा श्राप। क्या अभिराज यक्षिणी के मायाजाल से ज़िंदा बच पाएगा, या उसे अपने पूर्वजों के पापों की कीमत अपनी रूह देकर चुकानी होगी? सुनिए प्यार, धोखे और डर की यह रोंगटे खड़े कर देने वाली सस्पेंस थ्रिलर—'यक्षिणी'।