
The Rising Phoenix
क्या ग्यारह साल की उम्र में शुरू हुई एक मासूम सी मोहब्बत... किसी इंसान को इस कदर जुनूनी बना सकती है कि वो अपने ही लहू से अपनी तकदीर लिखने....
क्या ग्यारह साल की उम्र में शुरू हुई एक मासूम सी मोहब्बत... किसी इंसान को इस कदर जुनूनी बना सकती है कि वो अपने ही लहू से अपनी तकदीर लिखने बैठ जाए?" यह दास्तान है झारखंड के पामपुर टाउन की वेन्या बस्ती में रहने वाले एक सीधे-साधे और संस्कारी लड़के 'एलेक्स' की। उसकी दुनिया बेहद खूबसूरत थी, जिसमें दोस्तों के साथ मैदान पर क्रिकेट खेलना और चर्च की प्रार्थना सभा में पहली नज़र में मिली उसकी मासूम पसंद 'सौम्या' थी। सौम्या को अपने अटूट प्यार का यकीन दिलाने के लिए हर हद पार करने वाला एलेक्स दीवानगी के एक ऐसे रास्ते पर चल पड़ता है, जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं थी। लेकिन नियति ने उसके सब्र का ऐसा क्रूर इम्तिहान लिया कि हँसती-खेलती खुशियों के बीच अचानक एक ऐसी काली रात आई, जिसने एलेक्स की सुनहरी दुनिया को हमेशा के लिए मलबे में तब्दील कर दिया। उस एक हादसे ने ११ साल के इस मासूम लड़के को इस कदर अंदर से सुन्न कर दिया कि पूरी दुनिया और उसके अपने रिश्तेदारों ने उसे 'पत्थर दिल' का टैग दे दिया। आखिर उस सूने कमरे में ब्लेड उठाकर अपनी ही हथेली पर वार करने के पीछे एलेक्स का क्या राज़ था? और उस काली रात को ऐसा क्या खौफनाक हादसा हुआ जिसने उसके पूरे परिवार को आंसुओं के समंदर में धकेल दिया? जुदाई, धोखे और 'शून्य अचीवमेंट' की राख से एक फीनिक्स की तरह दोबारा उठने वाले एक बेखौफ लड़के के वजूद की सबसे बड़ी रहस्यमयी महागाथा—"The Rising Phoenix