
The Rise of Guardian
यशवर्धन: शून्य से शिखर तक यह कहानी एक ऐसे भविष्य की है जहाँ मानवता का अंत होने ही वाला था। वर्ष दो हज़ार उन्नीस में आकाश में रहस्यमय दरारें पड़ीं और....
यशवर्धन: शून्य से शिखर तक यह कहानी एक ऐसे भविष्य की है जहाँ मानवता का अंत होने ही वाला था। वर्ष दो हज़ार उन्नीस में आकाश में रहस्यमय दरारें पड़ीं और पूरी दुनिया खूंखार जंगली जानवरों और आदिम ऊर्जा की चपेट में आ गई। इंसान खाद्य श्रृंखला के शीर्ष से गिरकर अस्तित्व की लड़ाई लड़ने लगा। आधुनिक हथियार कबाड़ बन गए और जन्म हुआ एक नए युग का— योद्धाओं का युग। यशवर्धन, जो सौ साल पुराने अतीत से इस भविष्य में पुनर्जन्म लेता है, खुद को एक कमज़ोर शरीर और 'दुर्बल साधना प्रतिभा' के साथ पाता है। इस कठोर दुनिया में दुर्बल प्रतिभा का मतलब है—पूरी ज़िंदगी दूसरों की गुलामी या किसी जानवर का निवाला बनना। लेकिन यशवर्धन खाली हाथ नहीं आया है। उसके पास एक ईश्वरीय शक्ति है: नकल करने की प्रतिभा। चोरी की शक्ति: वह किसी भी महान योद्धा या प्रतिभाशाली व्यक्ति को छूकर उसकी जन्मजात प्रतिभा को चुरा सकता है और उसे अपने शरीर में विलीन कर सकता है। अजेय विकास: जहाँ दूसरों की तरक्की उनकी किस्मत और पैदाइशी प्रतिभा पर रुक जाती है, वहीं यशवर्धन के लिए आसमान भी छोटी पड़ जाती है। वह धीरे-धीरे दुनिया के सबसे शक्तिशाली योद्धाओं की शक्तियों को अपना बनाता जाता है। पारिवारिक संघर्ष: अपनी छोटी बहन यशिका की रक्षा करने और इस क्रूर समाज में अपना स्थान बनाने के लिए, उसे षड्यंत्रों, शक्तिशाली कुलों और भयानक राक्षसों का सामना करना होगा। क्या यशवर्धन अपनी इस 'नकल करने की शक्ति' के दम पर मानव जाति का रक्षक बनेगा, या वह खुद एक ऐसा शिकारी बन जाएगा जिससे देवता भी थर्राएंगे? "एक ऐसी रोमांचक यात्रा, जहाँ हर स्पर्श एक नई शक्ति है और हर लड़ाई जीवन का नया अध्याय।"