
The Emperor's Reckoning
वैष्णव अपनी मां को मिला बीस साल पुराना शाप तोडने के लिए जी जान लगाकर वज्र गढ के संस्थान में जगह बना लेता है, जब लगता है, बस मंजिल....
वैष्णव अपनी मां को मिला बीस साल पुराना शाप तोडने के लिए जी जान लगाकर वज्र गढ के संस्थान में जगह बना लेता है, जब लगता है, बस मंजिल कुछ ही कदम दूर है। तभी ऐसा कुछ होता है? उसका सपना कांच की तरह टूट जाता है। साथ ही उसके रक्षक जीव को भी मार डाला जाता है। और उसे जलील कर उस दुनिया से 'अपाहिज' बनाकर निकाल फेंकते हैं , उसे अब दुनिया के साथ अपने भी पिछले तीन साल से उसे अपाहिज समझकर पैरों तले रौंद रही थी, जब सबकुछ मिट्टी मिलता नजर आने लगा। तभी एक चमत्कार हुआ और वैष्णव की जिंदगी में आया एक नन्हा सा दिखने वाला चूजा...,या साक्षात् काल का अवतार? क्या वैष्णव फिर से संस्थान में प्रवेश ले पाएगा? क्या हुआ होगा तीन साल पहले उसके साथ? अपने साथ हुए विश्वास घात का बदला वो कैसे लेगा? और क्या वो उन लोगों को ज़िंदा छोड़ेगा जिन्होंने उसकी दुनिया उजाड़ी थी?सच में ये रास्ता इतना आसान होगा? कैसे करेगा वैष्णव अपने दुश्मनों का सामना? क्या होगा आगे जानने के लिए सुनते रहिए "The Emperor's Reckoning" ओनली ऑन पोकेट एफ एम पर
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.
E1. मैं सच में तुम्हारी होना चाहती हूँ
E2. अभी अभी तो पैदा हुआ हूँ
E3. तलाकनामा
E4. ठरकी और बदतमीज़ भी है!
E5. तुझे क्या खिलाऊँ
E6. तू सच में पत्थर खा रहा है


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