
Sanwala Sa Ishq
आइए आपको ले चलते हैं एक ऐसी दुनियां में, जहाँ अहसासों के हर रंग मिलेंगे... जहाँ किसी की मासूमियत आपकी आँखें नम करेगी, किसी की चुलबुली शैतानियाँ आपके होठों पर मुस्कान....
आइए आपको ले चलते हैं एक ऐसी दुनियां में, जहाँ अहसासों के हर रंग मिलेंगे... जहाँ किसी की मासूमियत आपकी आँखें नम करेगी, किसी की चुलबुली शैतानियाँ आपके होठों पर मुस्कान लाएंगी, और कहानी के मोड़ आपकी दिल की धड़कनें तेज़ कर देंगे। समर रॉय — जो अपने ही अतीत के ज़ख्मों और हुस्न के धोखे से ज़िंदगी से हार मान चुका है। वो अपनी ही धुंधली दुनिया में सिमटा है, इस बात से बेखबर कि अंधेरों के पीछे कोई बहुत बड़ी साज़िश उसका इंतज़ार कर रही है। रूपा — एक बेबाक, तीखे नैन-नक्श, सांवली - सलोनी सी लड़की, जो समर की खामोश ज़िंदगी में तूफ़ान बनकर आती है। कभी उसे तंग करती है, तो कभी चुपके से उसके दिल के करीब आ जाती है। पर क्या रूपा सिर्फ वही है जो नज़र आती है? या फिर इस सांवले चेहरे के पीछे छिपा है एक ऐसा राज़, जो इस पूरी साज़िश का पासा पलट सकता है? नाम, चेहरे और सच के इस ताने-बाने में... क्या यह 'सांवला सा इश्क़' अपनी मंज़िल पाएगा? एक बार पढ़कर ज़रूर देखें!