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Sach Ka Akhri Gawah

Sach Ka Akhri Gawah

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Suspense & Thriller

भोपाल, 2005। एक ठंडी रात। एक काली स्कॉर्पियो। और एक ऐसा सच… जिसे देखने की गलती एक साधारण आदमी कर बैठता है। गगन मिश्रा — एक ईमानदार अकाउंटेंट। ना राजनीति से मतलब, ना शक्ति से....

भोपाल, 2005। एक ठंडी रात। एक काली स्कॉर्पियो। और एक ऐसा सच… जिसे देखने की गलती एक साधारण आदमी कर बैठता है। गगन मिश्रा — एक ईमानदार अकाउंटेंट। ना राजनीति से मतलब, ना शक्ति से रिश्ता। लेकिन उस रात उसने नगर निगम के बाहर मशहूर पत्रकार सुमित कश्यप को कुछ लोगों के साथ जाते देखा… और अगली सुबह — सुमित गायब थे। कुछ दिनों में गगन गवाह से आरोपी बन गया। उसके अकाउंट में रहस्यमयी एक लाख रुपये। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस। धमकी भरे फोन। और एक ऐसी राजनीतिक साजिश… जिसकी जड़ें सत्ता के सबसे ऊँचे दरवाज़ों तक जाती हैं। इंस्पेक्टर हेगड़े — सख्त लेकिन ईमानदार। सुप्रीति चड्ढा — एक जिद्दी पत्रकार, जो सच को मरने नहीं देना चाहती। और परछाइयों में छुपे नाम — दलवीर सूद, कुशल पाठक, प्रवीण तिवारी। जब फाइलें जलने लगें, जब गवाहों को फँसाया जाने लगे, और जब हर सच के बदले एक धमकी मिले — तो क्या एक आम आदमी सच का बोझ उठा पाएगा? “सच का आख़िरी गवाह” एक ऐसी कहानी जहाँ सवाल सिर्फ ये नहीं है कि कातिल कौन है… सवाल ये है कि सच बचेगा या नहीं।

Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.

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