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Royal Waaris

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5
|3
Drama

सीरीज़ डिस्क्रिप्शनश्रोताओं के लिए विशेष वैधानिक चेतावनी एवं संदेश (डिस्क्लेमर): प्रिय श्रोताओं, ऑडियो सीरीज 'रॉयल वारिस' एक पूर्णतः काल्पनिक नाट्य रूपांतरण (Work of Fiction) है। इस कहानी में वर्णित सभी पात्र,....

सीरीज़ डिस्क्रिप्शनश्रोताओं के लिए विशेष वैधानिक चेतावनी एवं संदेश (डिस्क्लेमर): प्रिय श्रोताओं, ऑडियो सीरीज 'रॉयल वारिस' एक पूर्णतः काल्पनिक नाट्य रूपांतरण (Work of Fiction) है। इस कहानी में वर्णित सभी पात्र, घटनाएं, स्थान, संवाद, कॉर्पोरेट संस्थाएं और खेल संगठन लेखक की कोरी कल्पना पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य केवल श्रोताओं का स्वस्थ मनोरंजन करना और स्वाभिमान, निष्ठा, खेल भावना तथा सामाजिक उत्थान जैसे सकारात्मक मूल्यों को प्रेरित करना है। इस कहानी के किसी भी हिस्से का किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति, वास्तविक घटना, व्यावसायिक घराने, खेल संघ या समुदाय से कोई भी संबंध विशुद्ध रूप से एक संयोग मात्र होगा। किसी भी संस्था या व्यक्ति की मानहानि अथवा किसी की भावनाओं को आहत करना इस कहानी का कोई उद्देश्य नहीं है। 'रॉयल वारिस' की इस रोमांचक यात्रा को अपना भरपूर प्यार, सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए आप सभी सम्मानित श्रोताओं का बहुत-बहुत आभार! सीरीज को लाइक करें, अपने विचार कमेंट में साझा करें और 5-स्टार रेटिंग देकर अपना समर्थन बनाए रखें! सुनते रहिए 'रॉयल वारिस'! एक तरफ है रूद्र रायजादा—एक ऐसा युवक, जो अपनी असली पहचान और दौलत को दुनिया से छिपाकर बेहद साधारण जिंदगी जी रहा है। दूसरी तरफ है अनन्या राठौड़—एक बड़े उद्योगपति परिवार की बेटी, जिसने अपनी काबिलियत के दम पर परिवार से मिले शुरुआती निवेश को सफल कारोबार में बदल दिया है। दोनों की शादी किसी प्रेम कहानी की शुरुआत नहीं, बल्कि परिस्थितियों से जन्मा एक ऐसा रिश्ता है जिसे दोनों ने अभी पूरी तरह स्वीकार भी नहीं किया। शादी के बाद रूद्र अपनी पत्नी के आलीशान घर में एक ऐसे गरीब जंवाई की तरह रहने लगता है, जिसकी हैसियत उसके ससुराल वालों की नजर में अनन्या से बहुत नीचे है। रिश्तेदार उसकी कमाई, कपड़ों, नौकरी और जीवनशैली को लेकर उसे लगातार नीचा दिखाते हैं। परिवार के बीच बैठने से लेकर कारोबारी फैसलों तक, उसे बार-बार एहसास कराया जाता है कि वह इस घर में बाहर से आया हुआ एक साधारण आदमी है। लेकिन कोई नहीं जानता कि इस शांत चेहरे के पीछे एक बिल्कुल दूसरी दुनिया है। रूद्र खुद एक विशाल कारोबारी साम्राज्य का मालिक है। भारत से लेकर विदेशों तक फैले उसके कारोबार में करोड़ों नहीं, हजारों करोड़ के फैसले लिए जाते हैं। उसका सबसे भरोसेमंद दोस्त विवेक राय भारत में उसके व्यापारिक साम्राज्य को संभालता है और कारोबारी दुनिया में उसकी मजबूत पकड़ है। बड़े उद्योगपति रूद्र के एक फैसले का इंतजार करते हैं, जबकि उसी समय उसके ससुराल वाले उसे मामूली नौकरी और छोटी कमाई वाला जंवाई समझकर उसका अपमान करते रहते हैं। रूद्र चाहता तो एक पल में सबकी सोच बदल सकता है। लेकिन वह ऐसा नहीं करता। वह अपनी असली हैसियत सामने लाने के बजाय सब कुछ चुपचाप सहता है। क्योंकि उसके लिए अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन उसे कितना सम्मान देता है—बल्कि यह है कि अनन्या उसे उसकी दौलत के लिए चाहेगी या उसके व्यक्तित्व के लिए। जहाँ एक ओर रूद्र का छिपा हुआ कारोबारी साम्राज्य धीरे-धीरे विस्तार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अनन्या का कारोबार बाहरी दबावों और परिवार के भीतर की कारोबारी राजनीति से जूझ रहा है। और इन दोनों दुनियाओं के बीच बढ़ रहा है एक ऐसा रिश्ता, जिसकी शुरुआत मजबूरी से हुई थी… लेकिन आगे चलकर यही रिश्ता प्यार, अपमान, विश्वासघात और उस सच का गवाह बनेगा जिसे जानने के बाद पूरा राठौड़ परिवार अपने ही जंवाई को नए नजरिए से देखने पर मजबूर होगा।