Pret Dhaba | प्रेत ढाबा

Pret Dhaba

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Horror

रात के तीन बजे, जब पूरी दुनिया सो जाती है, Pret Dhaba जाग जाता है। यहाँ के ग्राहक ज़िंदा लोग नहीं होते — वो मरे हुए लोग हैं, जिनकी एक....

रात के तीन बजे, जब पूरी दुनिया सो जाती है, Pret Dhaba जाग जाता है। यहाँ के ग्राहक ज़िंदा लोग नहीं होते — वो मरे हुए लोग हैं, जिनकी एक आख़िरी भूख आज भी अधूरी है। कैसी भूख? यह राज़ अब सिर्फ़ Anuj जानता है... और यही राज़ उसे अंदर से खा रहा है। Anuj ने Pret Dhaba की नौकरी कुबूल तो कर ली, मगर अब वो एक ऐसे जाल में फँस चुका है जहाँ श्राप, चुड़ैलें और बरसों पुराने ख़ूनी राज़ अंधेरे में उसका इंतज़ार कर रहे हैं। क्या वो इस परलोक के धंधे से ज़िंदा बाहर निकल पाएगा — या यहाँ आने वाली रूहों की शर्तों में हमेशा के लिए फँस जाएगा? सुनिए Pret Dhaba, सिर्फ़ PocketFM पर।

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