
Parshuram Ka Pharasa
"जब एक पिता का धैर्य टूटता है, तो धरती और आकाश एक हो जाते हैं और अधर्म के नाश की दस्तक होती है।"मुंबई की तूफानी बारिश में शौर्य आज अपनी....
"जब एक पिता का धैर्य टूटता है, तो धरती और आकाश एक हो जाते हैं और अधर्म के नाश की दस्तक होती है।"मुंबई की तूफानी बारिश में शौर्य आज अपनी ही नाकामी के बोझ तले दबा है। कभी शहर का सबसे जांबाज ऑफिसर रहा शौर्य, आज अपनों की बेरुखी और किस्मत की मार से पूरी तरह हार चुका है । उसकी वर्दी छिन गई और उसका अपना घर बिखर गया।लेकिन जब उसकी नन्हीं बेटी अनाया की जान बचाने के लिए उसके पास सिर्फ बारह घंटे बचते हैं, तब सन्नाटे को चीरती हुई एक रहस्यमयी गूँज सुनाई देती है—'द दस्तक' ।अंधेरे से प्रकट होते हैं एक मार्गदर्शक, भार्गव मास्टर। वे शौर्य को याद दिलाते हैं कि उसकी रगों में एक साधारण इंसान का नहीं, बल्कि 'वशिष्ठ' खानदान का वो प्राचीन रक्त दौड़ रहा है जिसका जागना ही अधर्मियों के सर्वनाश की आहट है ।क्या शौर्य अपनी बेटी को दुश्मनों के बिछाए चक्रव्यूह से निकाल पाएगा? क्या वह उस अकल्पनीय शक्ति को नियंत्रित कर पाएगा जो उसकी आँखों में ज्वाला और शरीर में बिजली भर देती है?सावधान! क्योंकि अब रक्षक ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। क्या आप तैयार हैं उस महायुद्ध की गूँज सुनने के लिए?
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.
E1. जलालत का कीचड़
E2. काँपते हाथ
E3. मर्म का अभिशाप
E4. राख का सिक्का
E5. पहली भेंट
E6. विरासत का बोझ


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