
Parchhai
एक रहस्यमयी शहर… एक पुरानी लैब… और एक ऐसा रहस्य जो बारह साल से अंधेरे में छुपा हुआ है। जब विवेक एक बंद पड़ी लैब में कदम रखता है, तो उसे अंदाजा भी....
एक रहस्यमयी शहर… एक पुरानी लैब… और एक ऐसा रहस्य जो बारह साल से अंधेरे में छुपा हुआ है। जब विवेक एक बंद पड़ी लैब में कदम रखता है, तो उसे अंदाजा भी नहीं होता कि उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली है। एक रहस्यमयी पोर्टल, अजीब परछाइयाँ और एक ऐसी दुनिया का दरवाजा जो इंसानों के लिए कभी खुलना नहीं चाहिए था। जैसे-जैसे सच सामने आता है, विवेक को पता चलता है कि वह इस रहस्य से सिर्फ जुड़ा नहीं है… बल्कि खुद ही उस रहस्य की चाबी है। क्या परछाइयों की दुनिया सच में अस्तित्व रखती है? क्या विवेक उस दरवाजे को बंद कर पाएगा… या वही दरवाजा इस दुनिया के अंत की वजह बनेगा? रहस्य, डर, और अनजाने खतरों से भरी यह कहानी आपको एक ऐसी यात्रा पर ले जाएगी जहाँ हर मोड़ पर एक नया सच आपका इंतजार कर रहा है। “परछाई” — एक ऐसी कहानी जहाँ अंधेरा सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि इंसान के अंदर भी छुपा होता है।
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