
Mujhe Ishq Hua Tumse
बीसवें जन्मदिन पर अनाथालय की सीधी-सादी गौरी को पता चलता है कि उसका जीवन अब उसका नहीं। एक पुरानी कसक और माँ के दिए वादे ने उसे अपने ही भाग्य....
बीसवें जन्मदिन पर अनाथालय की सीधी-सादी गौरी को पता चलता है कि उसका जीवन अब उसका नहीं। एक पुरानी कसक और माँ के दिए वादे ने उसे अपने ही भाग्य का कैदी बना दिया है। अपनी प्यारी 'बाबा' और उस सरल दुनिया से दूर, अब उसे कल्याणी सिंह राठौड़ के आलीशान महल में जाना होगा – एक ऐसी ताकतवर हस्ती जो उसे अपने बेटे की दुल्हन बनाना चाहती है। यह कोई साधारण शादी नहीं, बल्कि बीस साल पुराना एक गुप्त समझौता है, जो अब गौरी के भविष्य पर ताला लगा रहा है। गौरी का दिल तो पहले ही किसी और के लिए धड़कता है, पर इस अजनबी परिवार की धाक और माँ के वादे के बोझ तले क्या उसकी चाहत टिक पाएगी? क्या गौरी इस बेमेल रिश्ते को स्वीकार कर लेगी, या अपनी छुपी चाहत के लिए इस नई दुनिया से बगावत करेगी जहाँ इज़्ज़त तो है, पर शायद इश्क़ नहीं?