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Love Story

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Romance

शहर की एक शांत कॉलोनी में दो आमने-सामने वाली बालकनियाँ थीं। एक में रहती थी नैना — थोड़ी गुस्सैल, थोड़ी सीरियस, लेकिन दिल से बहुत नरम। दूसरी में रहता था कबीर —....

शहर की एक शांत कॉलोनी में दो आमने-सामने वाली बालकनियाँ थीं। एक में रहती थी नैना — थोड़ी गुस्सैल, थोड़ी सीरियस, लेकिन दिल से बहुत नरम। दूसरी में रहता था कबीर — बातूनी, मज़ाकिया, और हर वक्त मुस्कुराने वाला। पहली मुलाकात भी बड़ी फिल्मी नहीं… बल्कि थोड़ी कॉमिक थी। एक सुबह नैना अपनी बालकनी में पौधों को पानी दे रही थी। नीचे खड़े कबीर ने आवाज़ लगाई— कबीर: “माफ़ कीजिए… ये बारिश ऊपर से आ रही है या नीचे से?” नैना ने नीचे देखा। “ओह! सॉरी… गलती से पानी गिर गया।” कबीर (हँसते हुए): “कोई बात नहीं, मैं वैसे भी फ्री में नहाने का प्लान कर रहा था।” नैना मुस्कुरा दी, लेकिन तुरंत गंभीर चेहरा बना लिया। “अगली बार ध्यान रखिएगा।” कबीर: “अगली बार? मतलब फिर से मिलने का मौका है?” नैना अंदर चली गई… पर उसके चेहरे की मुस्कान छुप नहीं रही थी। अब रोज़ सुबह बालकनी में “संयोग” से मुलाकात होने लगी। एक दिन कबीर ने गिटार उठाया और गाना शुरू कर दिया। आवाज़ थोड़ी बेसुरी थी। नैना (चिल्लाकर): “कृपया पड़ोसियों पर रहम कीजिए!” कबीर: “मैं तो आपके लिए गा रहा हूँ।” नैना: “तो फिर और भी बंद कर दीजिए।” दोनों हँस पड़े। धीरे-धीरे बात बालकनी से नीचे पार्क तक आ गई। शाम को दोनों टहलने लगे। एक दिन पार्क में अचानक बिजली चली गई। अंधेरा हो गया। नैना (घबराकर): “मुझे अंधेरे से डर लगता है।” कबीर ने हल्के से उसका हाथ पकड़ लिया। “डरिए मत… मैं हूँ ना। और वैसे भी, अंधेरा इसलिए होता है ताकि तारे दिख सकें।” नैना ने मुस्कुराकर पूछा, “और अगर तारे बादलों में छिप जाएँ?” कबीर थोड़ा झुककर बोला, “तो मैं टॉर्च ऑन कर दूँगा… लेकिन आपका हाथ नहीं छोड़ूँगा।” नैना का दिल तेज़ धड़कने लगा। वो मज़ाक कर रहा था… लेकिन उसकी पकड़ सच्ची थी। कुछ दिनों बाद कॉलोनी में एक छोटी पार्टी थी। सब लोग जमा थे। किसी ने माइक कबीर को दे दिया। कबीर: “आज मैं एक जरूरी घोषणा करना चाहता हूँ।” नैना घबरा गई। “ये क्या करने वाला है!” कबीर (मुस्कुराते हुए): “मैं ये बताना चाहता हूँ कि हमारी कॉलोनी की सबसे खूबसूरत लड़की… बहुत गुस्सैल है।” सब हँसने लगे। नैना ने आँखें तरेरी। कबीर: “लेकिन उसी गुस्से में उसका दिल छुपा है… जो बहुत प्यारा है।” वो धीरे से उसकी तरफ मुड़ा। “और मैं… उससे प्यार करने लगा हूँ।” चारों तरफ तालियाँ बजने लगीं। नैना का चेहरा लाल हो गया। वो माइक लेकर बोली— “और मैं… इस पागल इंसान से प्यार करने लगी हूँ। लेकिन एक शर्त है।” कबीर: “क्या?” नैना: “गाना बंद करोगे।” कबीर: “प्यार के लिए कुछ भी!” उस रात दोनों अपनी-अपनी बालकनी में खड़े थे। कबीर: “तो मैडम, अब पानी गिराने का प्लान कब है?” नैना: “अब तो रोज़ गिराऊँगी… ताकि आप रोज़ बहाना बनाकर बात कर सको।” कबीर मुस्कुराया। “मुझे बहाने की ज़रूरत नहीं… अब तो इजाज़त मिल गई है।” हवा हल्की थी। चाँद ऊपर चमक रहा था। दो बालकनियाँ अब अलग नहीं लग रही थीं… क्योंकि उनके बीच की दूरी को प्यार ने हँसी-मज़ाक में खत्म कर दिया था। शादी के बाद भी कबीर और नैना की बालकनी वही रही… बस अब दोनों एक ही घर की बालकनी शेयर करते थे। पहली सुबह— नैना (रसोई से): “कबीर! चाय बनानी आती है ना?” कबीर (आत्मविश्वास से): “बिल्कुल! मैं यूट्यूब यूनिवर्सिटी से पास हूँ।” पाँच मिनट बाद… नैना: “ये चाय है या हल्दी वाला सूप?” कबीर: “थोड़ा एक्सपेरिमेंट किया है… हेल्दी लाइफस्टाइल।” नैना हँसते-हँसते बैठ गई। “मुझसे शादी की है, लैब असिस्टेंट नहीं बनी हूँ मैं।” एक दिन फिर वही पुराना सीन हुआ। नैना बालकनी में पौधों को पानी दे रही थी। नीचे से नई पड़ोसन बोली— “भाभी, पानी गिर रहा है!” कबीर तुरंत बोला— “सावधान रहिए! ये हमारी लव स्टोरी की ट्रेडमार्क स्टाइल है।” नैना ने उसे घूरा। “अब भी ड्रामा कम नहीं हुआ तुम्हारा।” कबीर: “ड्रामा नहीं… रोमांस का मेंटेनेंस है।” रात को दोनों बालकनी में बैठे थे। नैना: “तुम शादी से पहले ज़्यादा रोमांटिक थे।” कबीर (नकली दुखी चेहरा बनाकर): “अरे! अब तो लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन ले लिया है… रोज़ फ्री रोमांस मिलेगा।” नैना मुस्कुराई। “एक बात बताऊँ? तुम्हारी बेवकूफियाँ ही मुझे सबसे ज़्यादा पसंद हैं।” कबीर धीरे से उसका हाथ पकड़कर बोला— “और तुम्हारा गुस्सा… वही तो मेरी फेवरेट चीज़ है।” हवा हल्की थी। नीचे वही कॉलोनी, वही बालकनियाँ… बस फर्क इतना था— पहले दो घरों के बीच प्यार पनपा था, अब एक ही घर में हँसी और प्यार साथ रहते थे।शादी के कुछ महीनों बाद कॉलोनी में “बेस्ट कपल कॉन्टेस्ट” की घोषणा हुई। नैना ने पोस्टर पढ़ते ही कहा— “हम हिस्सा नहीं लेंगे। तुम्हारी हरकतों से तो हम पहले राउंड में ही आउट हो जाएंगे।” कबीर ने सीना चौड़ा किया— “मैडम, हमारी लव स्टोरी बालकनी से शुरू हुई है… ट्रॉफी तक जाएगी।”

Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.

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