Pocket FM
Log in
Lies, Love & Legacy

Lies, Love & Legacy

2.4K Plays
Star icon
Star icon
4.9
|5
Drama

कभी-कभी ज़िंदगी हमें उस मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ सही और गलत के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है... और कभी-कभी किसी रिश्ते की शुरुआत प्यार....

कभी-कभी ज़िंदगी हमें उस मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ सही और गलत के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है... और कभी-कभी किसी रिश्ते की शुरुआत प्यार से नहीं, बल्कि एक झूठे समझौते से होती है। मानवी ने प्यार पर भरोसा किया था। लेकिन बदले में उसे मिला—धोखा। जिस इंसान को उसने अपनी पूरी दुनिया समझा, उसी ने उसकी आँखों के सामने उसकी ही बहन का हाथ थाम लिया। उस दिन मानवी के अंदर कुछ टूट गया था... लेकिन शायद उसी टूटने ने उसके भीतर एक ऐसी लड़की को जन्म दिया, जिसे अब किसी की मोहब्बत, सहारे या मंज़ूरी की जरूरत नहीं थी। वह वापस लौटी तो पहले वाली मानवी नहीं थी। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी बदली हुई दुनिया में एक ऐसा शख्स कदम रखने वाला है, जिसके सामने बड़े-बड़े लोग अपनी आवाज़ तक धीमी कर देते हैं। अथर्व राठौड़। एक ऐसा नाम, जिसके पीछे दौलत है, ताकत है, रसूख है... और शायद कुछ ऐसे राज़ भी हैं, जिन्हें दुनिया से छिपाकर रखना ही बेहतर है। दोनों की मुलाकात कोई खूबसूरत इत्तेफ़ाक नहीं थी। एक कॉन्ट्रैक्ट ने उन्हें पति-पत्नी बना दिया... लेकिन क्या सिर्फ़ कागज़ पर लिखा रिश्ता इतना आसान होता है? मानवी के लिए यह शादी उसके अतीत से बदला लेने का रास्ता थी। अथर्व के लिए? शायद यह सिर्फ़ एक शुरुआत थी। एक ऐसा खेल, जिसमें भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं थी... कम से कम शुरुआत में। लेकिन जब झूठ धीरे-धीरे सच से टकराने लगे, जब नफरत के पीछे छुपी बेचैनी सवाल करने लगे, और जब दो ऐसे लोग एक-दूसरे के करीब आने लगें जिन्हें करीब आना ही नहीं था... तब क्या होगा? क्या मानवी अथर्व के अतीत के उन राज़ों तक पहुँच पाएगी, जिन्हें वह पूरी दुनिया से छिपाकर बैठा है? क्या अथर्व मानवी के दिल में दबे पुराने घावों को समझ पाएगा? और सबसे बड़ा सवाल... क्या यह रिश्ता सिर्फ़ एक कॉन्ट्रैक्ट बनकर रह जाएगा, या झूठ के बीच कहीं एक ऐसा प्यार जन्म लेगा, जिसे दोनों चाहकर भी नकार नहीं पाएँगे? क्योंकि इस कहानी में हर मुस्कान के पीछे एक राज़ है... हर रिश्ते के पीछे एक मतलब है... हर वादा अपने साथ एक झूठ लिए हुए है... और जब Lies, Love & Legacy की असली परतें खुलेंगी... तो शायद किसी की भी दुनिया पहले जैसी नहीं रहेगी।