
Immortal Masters
एक बीमारी के बाद जब राजवीर की आँखें खुलीं, तो उसकी दुनिया पूरी तरह बदल चुकी थी। वह पुनर्जन्म लेकर दिव्य अमर संप्रदाय के नौवें वरिष्ठ गुरु के शरीर में आ....
एक बीमारी के बाद जब राजवीर की आँखें खुलीं, तो उसकी दुनिया पूरी तरह बदल चुकी थी। वह पुनर्जन्म लेकर दिव्य अमर संप्रदाय के नौवें वरिष्ठ गुरु के शरीर में आ चुका था। लेकिन जिस शरीर में उसने जन्म लिया था, उसकी साधना बुरी तरह नष्ट हो चुकी थी और अब उसका पद भी खतरे में था। सिर्फ तीन महीने बाद होने वाली शिष्य प्रतियोगिता ही तय करने वाली थी कि वह वरिष्ठ गुरु बना रहेगा या सब कुछ खो देगा। लेकिन तभी राजवीर के भीतर जागा एक रहस्यमयी शक्ति—अमर गुरु महाविश्व! एक ऐसी रहस्यमयी दुनिया, जहाँ हर प्रकाश का गोला उसे एक नई दिव्य क्षमता प्रदान कर सकता था। सबसे पहली क्षमता थी—अमर गुरु की दिव्य दृष्टि! अब राजवीर सिर्फ किसी व्यक्ति को देखकर उसकी साधना, प्रतिभा और कमजोरियाँ ही नहीं देख सकता था, बल्कि उसके सामने छिपी शक्तियों और खतरों के रहस्य भी खुलने लगे। अब एक ऐसा गुरु, जिसे पूरा संप्रदाय कमजोर और असफल समझता था, धीरे-धीरे अपने शिष्यों को लेकर एक ऐसी शक्ति बन रहा था जिसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। लेकिन असली संकट अभी शुरू हुआ था... दक्षिणेश्वर संप्रदाय के साथ एक रहस्यमयी प्रतियोगिता, प्रथम स्थान के लिए दांव पर लगी मार्शल राजा औषधि, और दक्षिण पवन जंगल में छिपे खतरनाक दुश्मन—सब कुछ राजवीर को एक ऐसी साजिश की ओर खींच रहा था, जिसका असली उद्देश्य अभी तक किसी को पता नहीं था। क्या राजवीर अपने वरिष्ठ गुरु का पद बचा पाएगा? क्या उसके शिष्य प्रतियोगिता में पूरे संप्रदाय को चौंका देंगे? और आखिर अमर गुरु महाविश्व का असली रहस्य क्या है? एक कमजोर समझे जाने वाले गुरु से लेकर अमर गुरु बनने तक की रोमांचक यात्रा शुरू होती है—Immortal Master!