
कोई रोक ना पाए
"जब दर्द बदल जाए मिशन में, तो कोई उन्हें रोक नहीं पाता..." ईशा और वीर — बचपन के दो ऐसे दोस्त जो अपनी अलग और आज़ाद जिंदगी जी रहे थे। लेकिन....
"जब दर्द बदल जाए मिशन में, तो कोई उन्हें रोक नहीं पाता..." ईशा और वीर — बचपन के दो ऐसे दोस्त जो अपनी अलग और आज़ाद जिंदगी जी रहे थे। लेकिन एक ही खौफनाक दिन उनकी हँसती-खेलती दुनिया तबाह हो गई। एक तरफ, ईशा जिस अनाथ आश्रम से दिल से जुड़ी थी, उसे आग लगा दी गई और उसकी प्यारी मीरा माँ की जान चली गई। ठीक उसी दिन, वीर की 'मल्होत्रा कंपनी' को एक साज़िश के तहत बर्बाद कर दिया गया। उस तबाही के 5 महीने बाद... ईशा और वीर इस साज़िश का बदला लेने निकलते हैं। वे अकेले नहीं हैं, वे बनाते हैं एक अतरंगी टीम — जो अलग-अलग भेष बदलने, हैकिंग करने और दिल व दिमाग से खेलने में माहिर है। लेकिन जब यह टीम अपने आउट-ऑफ-द-बॉक्स तरीकों से सबूत इकट्ठा करती है, तो उनके होश उड़ जाते हैं! सारे सबूतों पर एक ही नाम का लोगो मिलता है — **अर्जुन रैना!** बिजनेस वर्ल्ड का वो बेखौफ बादशाह, जिससे ईशा पहले से ही नफरत करती है उसके अतीत के ज़ख्म आज भी हरे थे । शक की सुई अब अर्जुन रैना की तरफ घूम चुकी है, जिसका वीर की बर्बादी से गहरा कनेक्शन है। वीर और ईशा के प्यार और उनके बदले के बीच अब अर्जुन रैना एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ा हो चुका है। पर इस खेल में एंट्री होती है **डॉक्टर नील** की — शहर का सबसे बड़ा सर्जन, और अर्जुन रैना का वो पक्का दोस्त जो ईशा की खातिर खुद अर्जुन के सामने अड़ जाता है! अर्जुन और नील... दोनों ही अब शक के घेरे में हैं। लेकिन जैसे-जैसे ईशा सच के पास पहुँचती है, सामने आता है 3 साल पुराना एक ऐसा राज़, जिसने बड़ी-बड़ी सीक्रेट एजेंसियों और पावरफुल सिस्टम को घुटनों पर ला दिया था! आखिर ऐसा क्या हुआ था 3 साल पहले, जिसने ईशा की उस पुरानी जाबांज टीम को हमेशा के लिए बिखेर दिया? ऐसा क्या हुआ था जो ईशा उस नकाबपोश और उसकी पूरी टीम के लिए सबसे बड़ी 'जीनियस' चुनौती बन गई थी? क्या ईशा और वीर अपनी बर्बादी का बदला ले पाएंगे? क्या अर्जुन रैना ही असली कातिल है, या डॉक्टर नील की दोस्ती के पीछे कोई और बड़ा मोहरा छिपा है? और क्या वीर के लिए ईशा का प्यार अर्जुन रैना के आने वाले चक्रव्यूह को झेल पाएगा... या इस साज़िश के खेल में वीर और ईशा हमेशा के लिए एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे?