
The Culprit
"जब न्याय सो जाता है, तब एक बागी का जन्म होता है।" एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर, जिसने कानून को अपना धर्म माना, आज उसी कानून की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है।....
"जब न्याय सो जाता है, तब एक बागी का जन्म होता है।" एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर, जिसने कानून को अपना धर्म माना, आज उसी कानून की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है। अपने बच्चे को न बचा पाने का आत्मग्लानि (Guilt) उसे इतना खोखला कर चुकी थी कि उसने अपने ही विभाग की साजिश के सामने घुटने टेक दिए और कालकोठरी को अपना नसीब मान लिया। वह हार चुका था, लेकिन कुदरत को उसका अंत मंजूर नहीं था। अतीत का धमाका: कहानी में भूचाल तब आता है, जब 8 साल पहले मर चुकी उसकी पत्नी अचानक उसके सामने खड़ी हो जाती है। वह सिर्फ एक लौटती हुई याद नहीं, बल्कि एक ऐसा खौफनाक सच लेकर आती है जो विक्रांत के भीतर की सोई हुई ज्वाला को फिर से जगा देता है।" अपने बच्चों के साथ हुए उस भयानक खेल का सच जानते ही विक्रांत की आँखों में वह चमक लौट आती है, जिसे देखकर बड़े-बड़े अपराधी भी कांप जाते थे। विक्रांत की गुप्त सेना (The Unknown Legion): अब विक्रांत अकेला नहीं है। उसने समझ लिया है कि हर तरफ फैले गद्दारों और वर्दी में छिपे भेड़ियों को मारने के लिए नियम नहीं, 'रणनीति' चाहिए। वह एक ऐसी सेना तैयार करता है जिसके पात्रों को उसने खुद तराशा है। ये कौन लोग हैं? ये वो चेहरे हैं जिन्हें दुनिया ने 'गुमनाम' समझकर भुला दिया था, लेकिन विक्रांत ने उन्हें 'हथियार' बना दिया। कोई नहीं जानता कि वे उसकी सुरक्षा क्यों कर रहे हैं और उनके पास ऐसी कौन सी शक्तियाँ या राज़ हैं जो उन्हें एक फौलादी दीवार बना देते हैं। सड़क पर दौड़ती चलती बसों में मिल रही 'सरकती लाशें'—यह महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि उस गहरे दलदल की आहट है जिसमें विक्रांत की पूरी ज़िंदगी डूबी हुई थी। हर लाश एक संदेश है, हर खून का कतरा एक सवाल है। जिस केस को विक्रांत एक साधारण साजिश समझ रहा था, वह दरअसल उसकी अपनी ज़िंदगी का वो उलझा हुआ पन्ना है जिसे किसी ने बड़ी बेरहमी से फाड़ दिया था। अंतिम युद्ध: गद्दार विभाग, बेखौफ अपराधी और खुद की ज़िंदगी के अनसुलझे राज़... विक्रांत कैसे इस मकड़जाल को तोड़ेगा? जब वह अपनी इस 'गुप्त सेना' के साथ बाहर निकलेगा, तो न कोई कानून बचेगा, न कोई दलील—सिर्फ इंसाफ होगा, और वो भी विक्रांत के अंदाज़ में।
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