
अद्वैत का शून्य-घोष
1. हार स्वीकार कर चुका एक योद्धा बनारस की गलियों में रहने वाला अद्वैत शास्त्री कभी वेदों का प्रकांड विद्वान था, लेकिन आज उसके जीवन में केवल सन्नाटा है। अपनी निजी....
1. हार स्वीकार कर चुका एक योद्धा बनारस की गलियों में रहने वाला अद्वैत शास्त्री कभी वेदों का प्रकांड विद्वान था, लेकिन आज उसके जीवन में केवल सन्नाटा है। अपनी निजी क्षति और दुखों के कारण उसने अध्यात्म और ईश्वर से नाता तोड़ लिया है। वह एक ऐसा नायक है जिसने अपनी किस्मत के आगे घुटने टेक दिए हैं, यह मानकर कि अब कुछ नहीं बदल सकता। लेकिन नियति उसे चैन से बैठने नहीं देगी। 2. एक प्राचीन शत्रु का पुनरागमन युगों पहले जिस अंधकार को पराजित किया गया था, वह एक नए 'श्राप' के रूप में वापस आ गया है। यह शक्ति लोगों के मन से साहस और नैतिकता को छीन रही है। पूरी दुनिया एक अदृश्य संकट की चपेट में है, जो इंसानों को एक-दूसरे का शत्रु बना रहा है। इस अंधकार का केंद्र एक ऐसी आसुरी सत्ता है जिसे केवल वह इंसान चुनौती दे सकता है, जिसने सबसे गहरा दुख सहा हो। 3. जब शून्य से गूँजी पुकार अद्वैत के जीवन में 'शून्य' नाम के एक रहस्यमयी मार्गदर्शक का प्रवेश होता है। शून्य कोई जादूगर नहीं, बल्कि एक ऐसा दूत है जो अद्वैत को उसके पूर्वजों की उस 'अधूरी वंशावली' से मिलवाता है, जिसका काम दुनिया की रक्षा करना था। अद्वैत को अहसास होता है कि उसके पास एक प्राचीन 'विजय-शंख' है, जिसकी गूँज इस ब्रह्मांड के समीकरण बदल सकती है। 4. पांच तत्वों की दिव्य यात्रा अद्वैत को अपनी खोई हुई शक्ति पाने के लिए भारत के पांच पवित्र स्थानों की यात्रा करनी होगी: हिमालय की गुप्त गुफाएं: जहाँ उसे एक अमर गुरु से प्राचीन युद्ध कौशल सीखना है। जगन्नाथ पुरी का तट: जहाँ उसे वायु की गति और मन की एकाग्रता को सिद्ध करना है। रामेश्वरम और द्वारका: जहाँ उसे त्याग और कर्तव्य का असली अर्थ समझ आएगा। उज्जैन का महासंग्राम: जहाँ महाकाल की छाया में अंतिम युद्ध लड़ा जाएगा। 5. इस कहानी की विशेषता यह केवल एक काल्पनिक युद्ध नहीं, बल्कि एक व्यक्ति की खुद को फिर से खोजने की यात्रा है। इसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान, रोमांचक साहसिक यात्रा (Adventure), और रोंगटे खड़े कर देने वाले रहस्यों का अनूठा संगम है।
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.


Access all the episodes
Quick Facts
- Total Episodes:
- 62
- Genre:
- Mythology
- Status:
- Completed