
Waqt Ka Raaz
"भाई, अगर मैं तुझे बोलूँ कि जो टाइम बीत गया वो मरा नहीं है, बल्कि कहीं ज़मीन के नीचे ज़िंदा है... तो क्या तू यकीन करेगा?" हर्षित शर्मा, दिल्ली का एक....
"भाई, अगर मैं तुझे बोलूँ कि जो टाइम बीत गया वो मरा नहीं है, बल्कि कहीं ज़मीन के नीचे ज़िंदा है... तो क्या तू यकीन करेगा?" हर्षित शर्मा, दिल्ली का एक कूल और महत्वाकांक्षी लड़का, जिसकी ज़िंदगी एक रात में तब पलट जाती है जब उसकी माँ, ज्योति शर्मा, एक रहस्यमयी फ़ोन कॉल के बाद हमेशा के लिए गायब (मृत घोषित) हो जाती हैं। लेकिन जाने से पहले वो हर्षित को दे जाती हैं एक ऐसा राज़ जो इंसान की समझ से परे है—एक अजीब धातु का कम्पास और एक पुरानी डायरी। हर्षित जब अपनी पत्रकार दोस्त इरा के साथ इस गुत्थी को सुलझाने निकलता है, तो वो पहुँचता है दिल्ली के शोर-शराबे से दूर एक ऐसी जगह जहाँ विज्ञान और हकीकत की सीमाएँ खत्म हो जाती हैं। ज़मीन के हज़ारों फीट नीचे एक ऐसा शहर बसा है जहाँ समय सीधा नहीं चलता। वहाँ उसे मिलती है अपनी माँ... पर वैसी नहीं जैसी उसने आखिरी बार देखी थी। क्या होगा जब हर्षित को पता चलेगा कि उसकी माँ की मौत महज़ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक भयानक ग्लोबल साज़िश का हिस्सा थी? एक तरफ है 'काल-चक्र' को हथियार बनाने पर तुला पावर-हंग्री कमल रहेजा, दूसरी तरफ हैं तहज़ीब और इल्म के धनी डॉक्टर वारिस अहमद खान, और इन सबके बीच में खड़ा है हर्षित, जिसके हाथ में पूरी दुनिया के 'वक्त' की चाबी है। प्यार, धोखे और टाइम-ट्रैवल के इस खतरनाक खेल में क्या हर्षित अपनी माँ को बचा पाएगा? या समय का ये चक्र सबको कुचल कर रख देगा? "वक्त किसी का सगा नहीं होता... और जब वक्त रूठता है, तो इतिहास भी चीखने लगता है!" सुनिए हर्षित शर्मा की ये रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी— 'Time Is Not Straight'।
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.

