
Apne Hi Ajnabii
भारत के एक शांत शहर में नील शर्मा घर लौटता है… लेकिन दरवाज़ा खोलने वाली उसकी माँ उसे पहचानने से इनकार कर देती है। उनकी आँखें खुली हैं, पर उनमें....
भारत के एक शांत शहर में नील शर्मा घर लौटता है… लेकिन दरवाज़ा खोलने वाली उसकी माँ उसे पहचानने से इनकार कर देती है। उनकी आँखें खुली हैं, पर उनमें अपनापन नहीं—बस ठंडक है। नील की छोटी बहन छवि फुसफुसाकर बताती है: “भैया… माँ माँ नहीं हैं।” धीरे-धीरे नील को पता चलता है कि शहर में कई लोग “अपने” रहते हुए भी “अजनबी” बन रहे हैं। कोई अदृश्य आदेश, कोई पुरानी हवेली, और एक रहस्यमयी घंटी—जिसकी आवाज़ के बाद रिश्ते टूटने लगते हैं। यह कोई सामान्य डर नहीं… यह “वशीकरण” का जाल है, जो प्यार को सबसे बड़ा शिकार बनाता है। नील जब इस जाल को तोड़ने निकलता है, तो हर कदम पर उसे कीमत चुकानी पड़ती है—यादें, रिश्ते और सच्चाई। पर सबसे बड़ा सवाल यही है: जब अपने ही तुम्हारे खिलाफ खड़े हों… तब तुम किसे बचाओगे—अपना परिवार, या अपनी पहचान?
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.
E1. घर में अजनबी
E2. अंधेरा किसके आदेश पर
E3. भाई की आवाज किसी और की
E4. हवेली की हँसी
E5. घंटी बजते ही सब बदल गया
E6. शहर की पहली गुड़िया


Install the app
Access all the episodes