
Achhari
पहाड़ों की रहस्यमयी परियों, अछरियों की कहानियाँ सिर्फ़ लोककथाएँ नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी सच्चाई हैं जो इंसान की दुनिया से परे है। दिल्ली का डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर आरव, जो इन....
पहाड़ों की रहस्यमयी परियों, अछरियों की कहानियाँ सिर्फ़ लोककथाएँ नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी सच्चाई हैं जो इंसान की दुनिया से परे है। दिल्ली का डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर आरव, जो इन कहानियों को अंधविश्वास मानता है, एक ईमेल के ज़रिए उत्तराखंड के एक गाँव, रनगढ़ पहुँचता है। वहाँ एक बूढ़ा आदमी उसे चेतावनी देता है कि जिसे वो खोजने आया है, अगर उसने उसे खोज लिया, तो वो बच नहीं पाएगा। रात में, एक खूबसूरत लड़की, नैरा, उसके दरवाज़े पर दस्तक देती है, जिसकी नीली आँखें और सफेद कपड़े आरव को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। नैरा उसे बताती है कि उसने अछरियों को देखा है, और उन्हें देखने की कीमत अपनी ज़िंदगी होती है। लेकिन जब नैरा खुद को बीस साल पहले मरी हुई बताती है, और गाँव के लोग आरव को अछरियों द्वारा चुने जाने की बात करते हैं, तो आरव को एहसास होता है कि वो सिर्फ़ एक कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि खुद उस रहस्य का केंद्र बन चुका है। क्या आरव इस रहस्यमयी दुनिया से बच पाएगा, या अछरियों की दुनिया उसे हमेशा के लिए अपना बना लेगी?