
File No. 08 Aam Aadmi
एक साधारण पोस्टमास्टर, जिसे दुनिया एक नीरस सरकारी क्लर्क समझती है, असल में भारत का सबसे घातक स्लीपर एजेंट है। जब एक परमाणु तस्करी का खतरा उसके शांत शहर की....
एक साधारण पोस्टमास्टर, जिसे दुनिया एक नीरस सरकारी क्लर्क समझती है, असल में भारत का सबसे घातक स्लीपर एजेंट है। जब एक परमाणु तस्करी का खतरा उसके शांत शहर की दहलीज पर आता है, तो उसे अपनी दोहरी ज़िंदगी और अपने परिवार के बीच एक खूनी चुनाव करना पड़ता है। विश्वास एक ऐसे इंसान की मिसाल है जिसे आप भीड़ में देखकर भी भूल जाएंगे। वह सुबह पौधों को पानी देता है, पड़ोसियों को सलाम करता है और पिछले दो दशकों से एक छोटे शहर के पोस्ट ऑफिस में फाइलों और डाक टिकटों के पीछे अपनी पहचान छिपाए बैठा है। लेकिन इस 'आम आदमी' के नकाब के नीचे 'एजेंट 08' का खूँखार वजूद ज़िंदा है—एक ऐसा जासूस जिसे एजेंसी ने सालों पहले परछाइयों में रहने के लिए सक्रिय किया था। विश्वास की ज़िंदगी तब बिखरने लगती है जब उसे एक गुप्त कोडेड संदेश के ज़रिए 'परमाणु तस्करी ऑपरेशन' रोकने का आदेश मिलता है। एक तरफ अंतर्राष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का जाल है, तो दूसरी तरफ एजेंसी के भीतर बैठा एक शक्तिशाली गद्दार, जो विश्वास के हर राज से वाकिफ है। जैसे-जैसे तबाही की उलटी गिनती शुरू होती है, विश्वास का संघर्ष गहराता जाता है। हर रात वह लहूलुहान होकर घर लौटता है और अपनी पत्नी सुजाता की आँखों में देखकर एक नया झूठ गढ़ता है। उसकी बीमार बेटी रिया के मासूम सवाल उसके 'जासूस कवच' को छलनी कर देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती तब आती है जब दुश्मन उसके घर के दरवाज़े तक पहुँच जाता है। क्या विश्वास अपनी असली पहचान उजागर किए बिना देश को बचा पाएगा? या फिर अपनी दोहरी ज़िंदगी के बोझ तले उसका परिवार तबाह हो जाएगा? 'File No. 08' की यह फाइल अब खुलने वाली है, जहाँ हर झूठ एक ज़रूरत है और हर मोड़ पर मौत का साया है
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