
Divine Ec-Hoes
"जिस दिन मैंने समय और अंतरिक्ष को तोड़ा, पूरी दुनिया खत्म हो गई। पृथ्वी और सताल टकराए, शहर बर्बाद हुए, लाखों मरे... और सबने मुझे दोषी ठहराया। मेरा नाम? शुभु। दुनिया मुझे कहती....
"जिस दिन मैंने समय और अंतरिक्ष को तोड़ा, पूरी दुनिया खत्म हो गई। पृथ्वी और सताल टकराए, शहर बर्बाद हुए, लाखों मरे... और सबने मुझे दोषी ठहराया। मेरा नाम? शुभु। दुनिया मुझे कहती है—ईविल आई। अपनी ही बनाई तबाही में भटकते हुए, मैं अकेला था। पछतावा हर सांस में। तब तक... वो चमकते प्राणी नहीं आए। दो टूटी दुनियाओं से जन्मी आत्माएँ। वे मुझसे डरी नहीं। वे झुकीं। और मेरे सीने में जाग उठीं प्राचीन यादें—सिंहासन, युद्ध, देवत्व। एक आवाज़ गूंजी: 'हमने आपको ढूंढ लिया।' विनाश अंत नहीं था... ये शुरुआत थी। अब देवता देख रहे हैं। क्या मैं इस नई दुनिया का रक्षक बनूंगा... या उसका आखिरी विनाशक?