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ज़ख्म सा तू, मरहम बन गया।

ज़ख्म सा तू, मरहम बन गया।

707 PlaysRomance

डॉ. आदित्य राठौर — देश के जाने-माने न्यूरोसर्जन। एक ऐसा इंसान जिसने ज़िंदगी बचाना सीखा... पर खुद की ज़िंदगी हार बैठा। एक धोखे ने उसे वो बना दिया, जो वो कभी....

डॉ. आदित्य राठौर — देश के जाने-माने न्यूरोसर्जन। एक ऐसा इंसान जिसने ज़िंदगी बचाना सीखा... पर खुद की ज़िंदगी हार बैठा। एक धोखे ने उसे वो बना दिया, जो वो कभी नहीं था — बेरहम, खामोश और मोहब्बत से नफ़रत करने वाला। लेकिन जब ज़िंदगी ने एक मासूम लड़की — माही — को उसकी पत्नी बनाकर भेजा... तब क्या आदित्य फिर से जी पाएगा? क्या मोहब्बत एक बार फिर उसकी बंद दुनिया का दरवाज़ा खटखटाएगी? या जो टूटा है, वो हमेशा टूटा ही रहेगा?

All 16 episodes
E7. "साथ- नाम का या आत्मा का?"
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E8. "पहली सुबह… अधूरे अल्फ़ाज़"
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E9. "शायद... नफ़रत के उस पार"
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E11. "हाई रिस्क ओटी इनिशिएटेड"
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E12. "साथ होकर भी तन्हा…"
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E16. नफ़रत की आग और टूटी हुई माही
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