
Ek Raaj
छुक छुक ...... छुक छुक .टऊऊऊऊ...... अचानक ही ट्रेन ने होरन दिया। अमन समझ गया कि शायद कोई स्टेशन आ गया है। वो अपने स्लीपर डिब्बे में से झांक कर देख....
छुक छुक ...... छुक छुक .टऊऊऊऊ...... अचानक ही ट्रेन ने होरन दिया। अमन समझ गया कि शायद कोई स्टेशन आ गया है। वो अपने स्लीपर डिब्बे में से झांक कर देख रहा था "सुजानगढ़"। हां यही नाम लिखा हुआ था स्टेशन पर । आज दोपहर की ट्रेन से ही वो नवलगढ़ के लिए निकला था। पुरातत्व विभाग में कंस्ट्रक्शन विभाग का अधिकारी था वो। कल ही बड़े अफसर ने उसे अपने केबिन में बुलाया था। वो जानते थे कि अमन को अजीबोगरीब जगह पर काम करना। कितना एक्साइटेड करता है। वो पूरे जोश के साथ वहां काम करता हैं। खासकर जहां भूत प्रेत जैसी बातें प्रसिद्ध हो उस जगह के लिए। वहां पर अमन बड़े ही मन लगाकर काम करता है। बस उसके इसी शौक को जानते हुए बड़े अफसर ने उसे अपने केबिन में बुलाया। "अमन । माय डियर, हमने सुना है तुम रहस्यमय जगहों पर काम करके खुश होते हो तो तुम्हारे लिए एक काम है। यहां से बारह घण्टे की दूरी पर नवलगढ़ है वहां के किले का रि रेनोवेशन करना है। वो जगह दो तीन सौ सालों से ऐसे ही पड़ी है। सरकार का मानना है कि उसे रिरेनोवेट करके पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन........" "लेकिन .... लेकिन क्या सर?" अमन ने उत्सुकता वश पूछा। "उस जगह के लिए ये प्रसिद्ध है कि वहां ना जाने क्या है जो भी उस किले की मरम्मत के लिए जाता है वो वहां पर काम नहीं कर पाता या तो वो छोड़कर भाग आता है या फिर अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है। तुम से पहले भी बहुत से अफसर वहां गये है लेकिन कोई भी वहां टिक नहीं पाया।"