
दासी और दिव्य शारभ
"अंबर-लोक के सिंहासन पर वही बैठेगा, जिसका साथ ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली जीव—शारभ देगा!" सिया, 'अंबर-लोक' के शाही महल की एक मामूली दासी है। उसकी दुनिया जूठन साफ करने, रसोइयों की....
"अंबर-लोक के सिंहासन पर वही बैठेगा, जिसका साथ ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली जीव—शारभ देगा!" सिया, 'अंबर-लोक' के शाही महल की एक मामूली दासी है। उसकी दुनिया जूठन साफ करने, रसोइयों की गालियाँ सुनने और अपनी बीमार माँ के लिए एक वक्त की रोटी जुटाने तक सीमित है। लेकिन सिया का एक अतीत है जिससे वह खुद अनजान है। उसके पिता एक मामूली कर्जदार नहीं, बल्कि उस साम्राज्य के असली वारिस थे जिन्हें गद्दारों ने गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया था। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब सिया जंगल में एक घायल और मरणासन्न दिव्य जीव 'शारभ' (आधा शेर, आधा पक्षी) की जान बचाती है। जिसे बड़े-बड़े योद्धा अपने बल से वश में नहीं कर पाए, वह दिव्य जीव एक दासी की करुणा के आगे झुक जाता है और उसके साथ एक प्राचीन 'पवित्र कवेनेंट' बनाता है। जैसे ही सिया के हाथ पर शाही मुहर चमकती है, उसकी जान के दुश्मन जाग जाते हैं। अब सिया को अपनी पहचान छुपाकर दुनिया की सबसे खतरनाक जादुई अकादमी में प्रवेश करना है। क्या सिया अपनी 'शाही रग' को जादुई परीक्षण से बचा पाएगी? क्या वह राजकुमार अद्वैत की पैनी नज़रों और विश्वासघात के जाल को काट पाएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या एक मामूली दासी, शारभ के साथ मिलकर उस सिंहासन को वापस पा सकेगी जो उसका अपना है? शुरू कीजिए एक ऐसी महागाथा, जहाँ प्रतिशोध की आग में एक दासी का उदय होगा और अंबर-लोक का इतिहास हमेशा के लिए बदल जाएगा!
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